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इराक़ में ताज़ा हिंसा, 50 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं. बुधवार को फ़लूजा में हुए आत्मघाती हमले में 15 लोग मारे गए हैं. फ़लूजा में ये हमला उस समय हुआ जब पुलिस में भर्ती के लिए लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए थे. राजधानी बग़दाद में बुधवार सुबह ही 14 लोगों के शव बरामद हुए हैं. माना जा रहा है कि ये लोग जातीय हिंसा के शिकार हैं. इस बीच मंगलवार देर रात चार शिया छात्रों को गाड़ी से उतारकर गोली मार दी गई. जबकि अन्य कई हमलों के बाद 20 लोगों के शव पुलिस को मिले हैं. फरवरी में शियाओं की एक पवित्र मज़ार पर हमले के बाद शिया-सुन्नी हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है. आकलन अमरीकी सेना का आकलन है कि नागरिकों पर हमले की संख्या दोगुनी हो गई है. बुधवार की सुबह जिन 14 लोगों के शव बरामद हुए हैं, उनकी पहचान नहीं हो पाई है. लेकिन शव को देखने से पता चलता है कि उन्हें पहले प्रताड़ित किया गया और फिर गोली मार दी गई. मारे गए लोगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच की थी. बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर के मुताबिक़ इस तरह की हिंसा का ज़्यादातर शिकार सुन्नी होते हैं. लेकिन उनका कहना है कि ऐसी घटनाएँ सिर्फ़ एक पक्ष की ओर से नहीं होती. सुन्नी विद्रोहियों के शिकार शिया भी होते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़वाहिरी का नया वीडियो टेप29 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में 21 चरमपंथियों समेत 30 की मौत28 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी उपराष्ट्रपति की बहन की हत्या27 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड-राइस अचानक बग़दाद पहुँचे26 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'दुजैल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर सद्दाम के'24 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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