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सोमवार, 24 अप्रैल, 2006 को 10:06 GMT तक के समाचार
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'दुजैल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर सद्दाम के'
सद्दाम हुसैन
सद्दाम हुसैन के मुकदमे की सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई है
इराक़ में कई हस्तलिपि विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि जिस कथित दस्तावेज़ में दुजैल के शिया लोगों को मारने का आदेश दिया गया था उस पर हस्ताक्षर पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ही हैं.

सद्दाम हुसैन के मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में इस बात की पुष्टि की गई.

इस मुक़दमे की सुनवाई सोमवार को बग़दाद में हुई और उसके बाद अगली सुनवाई 15 मई तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान मुख्य जज ने पाँच विशेषज्ञों की रिपोर्ट अदालत में पढ़ी.

पिछले हफ़्ते भी अदालत में तीन विशेषज्ञों की रिपोर्टें पढ़ी गई थीं जिसमें कहा गया था कि दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर सद्दाम हुसैन के ही हैं.

लेकिन बचाव पक्ष के वकीलों की दलील है कि हस्ताक्षर फ़र्ज़ी हैं.

सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि 1982 में उन पर हुए जानलेवा हमले के बाद, उन्होंने दुजैल गाँव में शिया लोगों की हत्या का आदेश दिया था.

हस्ताक्षर

सोमवार को सुनवाई के दौरान सद्दाम हुसैन और उनके सहअभियुक्त अदालत में मौजूद थे.

जिन दस्तावेज़ों को सुबूत के तौर पर प्रस्तुत किया गया है उसमें 16 जून 1984 का एक दस्तावेज़ शामिल है.

इसमें दुजैल हत्याओं को कथित तौर पर मंज़ूरी दी गई है. एक अन्य दस्तावेज़ 10 अक्तूबर 1982 का है जिसमें हत्या में शामिल ख़ुफ़िया एजेंटों को कथित तौर पर ईनाम देने की बात है.

सद्दाम हुसैन के वकीलों ने हस्तलिपि विशेषज्ञों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. वकीलों का कहना है कि इन विशेषज्ञों का संबंध इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से है.

अदालत की पहले की सुनवाई में कहा गया था कि दस्तावेज़ों पर इराक़ के पूर्व ख़ुफ़िया प्रमुख बर्ज़ान इब्राहिम अल तिकरती के हस्ताक्षर भी प्रमाणिक हैं.

पिछले हफ़्ते अदालत ने सुनवाई सात दिनों के लिए स्थगित कर दी थी ताकि विशेषज्ञों को सद्माम के एक सह अभियुक्त के हस्ताक्षर का अध्ययन करने के लिए और समय मिल सके.

सद्दाम हुसैन अदालत की पहले की सुनवाई में ये स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने दुजैल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन बाद में उन्होंने अपने हस्ताक्षर के प्रमाणिक होने पर सवाल उठाए थे.

अगर सद्दाम हुसैन को सज़ा हो जाती है तो उन्हें मौत की सज़ा हो सकती है. अदालत ने ये भी कहा है कि 80 के दशक में कुर्दों के ख़िलाफ़ अभियान चलाने के मामलें में सद्दाम के ख़िलाफ़ नए आरोप तय किए जाएँगे.

उधर बग़दाद में हुए विभिन्न कार बम धमाकों में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं. ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब इराक़ के मनोनित प्रधानमंत्री जवाद अल मलिकी अन्य राजनेताओं से मिलकर सरकार गठन के लिए बातचीत करने वाले हैं.

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