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अमरीकी आप्रवासियों का प्रदर्शन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी आप्रवासी प्रस्तावित नए आप्रवासन क़ानून के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं. पुलिस का कहना है कि शिकागो और लॉस एंजिल्स में लाखों आप्रवासियों ने अपने क़ानूनी अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. नए क़ानून के विरोध में लाखों आप्रवासी काम पर नहीं गए और वे ख़रीददारी नहीं कर रहे हैं ताकि इस बात का अहसास कराया जा सके कि वे अमरीका अर्थव्यवस्था के लिए कितने अहम हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन प्रदर्शनों का संदेश साफ़ है कि 'आपका हमारे बिना काम नहीं चल सकता है.' अमरीका में लगभग एक करोड़ 20 लाख अवैध आप्रवासी रहते हैं और इनमें मैक्सिको के लोगों की बड़ी संख्या हैं. हालांकि दक्षिण एशियाई मूल के लोग भी इसमें शामिल हैं. ग़ौरतलब है कि अमरीकी संसद आप्रवासन क़ानून को कड़ा करने पर विचार कर रही है. कुछ दिन पहले अमरीका में आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री माइकल चेरटॉफ़ ने चेतावनी दी थी कि जो लोग अमरीका में ग़ैरक़ानूनी रूप से घुस आते हैं, उन्हें ये नहीं सोचना चाहिए कि वे यहाँ आकर सुरक्षित हो गए हैं. चेरटॉफ़ ने कहा था कि सरकार उन लोगों पर भी आपराधिक मुक़दमा चलाएगी जो बिना उचित दस्तावेज़ों के ऐसे लोगों को नौकरी दे देते हैं. हाल में अमरीका के नौ प्रांतों में छापे मारे गए थे और एक हज़ार से ज़्यादा संदिग्ध ग़ैरक़ानूनी आप्रवासियों को गिरफ़्तार किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें अवैध आप्रवासियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई21 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका में अवैध आप्रवासियों पर सहमति06 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना आप्रवासन मुद्दे पर शांति की अपील 25 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अवैध आप्रवासियों की समस्या का सच30 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना दस लाख लोगों को निकालेगा मलेशिया13 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना अवैध दक्षिण एशियाई आप्रवासियों की उम्मीदें10 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना बुश का आप्रवासी नीति में लचीलापन07 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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