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बुधवार, 07 जनवरी, 2004 को 21:27 GMT तक के समाचार
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बुश का आप्रवासी नीति में लचीलापन
जॉर्ज बुश
प्रेक्षकों का कहना है कि बुश की नज़र वोट बैंक पर भी हो सकती

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने देश की आप्रवासी नीति में व्यापक फेरबदल किए जाने का आहवान किया है.

इस फेरबदल के तहत उन्होंने ऐसे क़ानून बनाए जाने का संकेत दिया जिनसे देश में लाख़ों अवैध कामकारों और आप्रवासियों को क़ानूनी मान्यता दी जा सके.

इन क़ानूनों के तहत देश के क़रीब 80 लाख अवैध आप्रवासियों को एक निश्चित अवधि तक काम करने की क़ानूनी मान्यता होगी.

इनमें से क़रीब साठ प्रतिशत आप्रवासी मैक्सिको के हैं.

जहाँ मैक्सिको के राष्ट्रपति विसेंट फ़ॉक्स ने इस घोषणा का स्वागत किया है वहीँ आप्रवासी इस घोषणा को शक की नज़र से देख रहे हैं.

नए क़ानून

राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि जो काम अमरीकी नागरिक करने के इच्छुक नहीं होते हैं वे काम आप्रवासियों को करने की इजाज़त देने के लिए नए क़ानूनों की ज़रूरत है.

उन्होंने काँग्रेस से अनुरोध किया है कि अस्थाई कामगारों के लिए एक नई व्यवस्था बनाई जाए जिसमें रिक्त पदों को उन अवैध आप्रवासियों से भरा जाए जो पहले से ही अमरीका में हैं या फिर उनसे भी जो विदेशों से अर्ज़ियाँ देना चाहते हैं.

अमरीका में अवैध आप्रवासन का विरोध

"यह ऐसी व्यवस्था हो जिसमें तीन साल के लिए काम करने की इजाज़त हो लेकिन कुछ ख़ास परिस्थितियों में इसे आगे बढ़ाने की व्यवस्था हो, लेकिन इतना तय है कि काम करने की यह इजाज़त ख़त्म ज़रूर होगी."

बुश के इस क़दम को अगले चुनाव में वोट बटोरने की एक कोशिश माना जा रहा है.

बुश ने यह भी कहा कि अमरीका में स्थायी रूप से रहने के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए.

फिलहाल यह एक जटिल प्रक्रिया है.

बुश ने कहा है नए क़ानून विदेशियों का रिकॉर्ड रखने के लिए सरकारी एजेंसियों की मददगार होंगे जिससे आतंकवाद की चुनौतियों और ख़तरों से निबटने में मदद मिलेगी.

ग्रीन कार्ड

नए आप्रवासी क़ानूनों के तहत इन कामगारों को अमरीका और अपने मूल देश के बीच आने-जाने की इजाज़त होगी और वे ग्रीन कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकेंगे.

ग़ौरतलब है कि अमरीका में ग्रीन कार्ड मिलने का मतलब है कि वहाँ स्थायी रूप से रहने की इजाज़त मिल जाना.

उन्होंने कहा कि नए आप्रवासी क़ानूनों से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी क्योंकि यह पता चलता रहेगा कि देश की सीमाओं के अंदर कौन आ रहा है.

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