|
इस्तीफ़े की मांग खारिज की रम्सफेल्ड ने | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफेल्ड ने इराक़ युद्ध के मामले में अपने इस्तीफ़े की मांगों को ख़ारिज कर दिया है. अमरीका के पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने इराक़ युद्ध के संबंध में रम्सफेल्ड की आलोचना करते हुए उनके इस्तीफ़े की मांग की थी. इन आलोचनाओं के जवाब में रम्सफेल्ड ने अल अरबिया चैनल के साथ एक बातचीत में कहा कि इराक़ युद्ध जैसे मसलों पर विभिन्न लोगों की राय का अलग होना लाजिमी है. उन्होंने कहा कि अगर हज़ारों पूर्व एडमिरलों औऱ जनरलों में से कुछ सैनिक जनरलों के कहने से ही रक्षा मंत्री को बार बार बदला जाए तो फिर इस कुर्सी पर कोई टिक ही नहीं सकेगा. अमरीका के छह रिटायर्ड सैन्य जनरलों ने रम्सफेल्ड पर अक्षमता, घमंडी होने और सैन्य सलाह की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफ़े की मांग की है. इन सभी जनरलों में से अधिकतर ने रम्सफेल्ड के मातहत काम किया है. इन आलोचनाओं के बाद राष्ट्रपति बुश भी अपने रक्षा मंत्री के बचाव में उतरे थे और कहा था कि उन्हें रम्सफेल्ड की योग्यताओं पर पूरा यकीन है. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि बुश का रम्सफेल्ड के समर्थन में आना स्वाभाविक है क्योंकि इस समय इराक़ युद्ध के ख़िलाफ़ जनमत एकजुट है. ऐसे में रम्सफेल्ड का समर्थन न करना सरकार की स्थिति को कमज़ोर ही कर सकता है. इस्तीफ़ा अमरीका में अब तक छह सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड के इस्तीफ़े की माँग कर चुके हैं. इस्तीफ़े की माँग को उन लोगों के विद्रोह के तौर पर देखा जा रहा है जो इराक़ के मामले में रम्सफ़ेल्ड के कामकाज के तरीके से वाकिफ़ हैं. रिटायर्ड मेजर जनरल जॉन रिग्स ने एक रेडियो साक्षात्कार में कहा कि समय आ गया है कि रम्सफ़ेल्ड इस्तीफ़ा दें. रिटायर्ड मेजर जनरल चार्र्स एच सवैनक्क जूनियर ने तो इसी पर सवाल उठाए हैं कि क्या रम्सफ़ेल्ड 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई के अभियान का नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं क्योंकि उनके हिसाब से इराक़ का अभियान विफल' रहा है. रिटायर्ड मेजर जनरल चार्र्स एच सवैनक्क जूनियर इराक़ में 82वीं एयरबोर्न डिविज़न के नेतृत्व कर चुके हैं. उन्होंने कहा," मुझे लगता है कि हमें नए रक्षा मंत्री की ज़रूरत है." रिटायर्ड मरीन जनरल एंथनी ज़िन्नी नी सीएनएन से कहा " एक के बाद हुई एक ग़लती के लिए रम्सफ़ेल्ड को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए." लेकिन रिटायर्ड मरीन जनरल माइक डीलॉंग ने रम्सफ़ेल्ड का पक्ष लेते हुए कहा है कि वे अपना काम बहुत अच्छे से करते हैं. उनका कहना था कि जब किसी को उनके पास जाना होता है उसे पूरी तैयारी के साथ जाना पड़ता है. उधर डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि इस्तीफ़े की माँग के चलते उनके काम पर कोई असर नहीं पड़ रहा. | इससे जुड़ी ख़बरें रम्सफ़ेल्ड के इस्तीफ़े की माँग बढ़ी14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की ईरान को कड़ी चेतावनी14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना अभी सैनिक वापसी का वक़्त नहीं19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका प्रचार युद्ध में पिछड़ रहा है'18 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना 'चीन सैन्य ख़र्चे के बारे में पारदर्शी बने'19 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||