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जाफ़री को नाम वापस लेने की सलाह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया गठबंधन के एक नेता ने कहा है कि नई सरकार में प्रधानमंत्री पद के लिए शिया पार्टियों के गठबंधन के उम्मीदवार इब्राहीम अल जाफ़री को पीछे हट जाना चाहिए. शिया गठबंधन के एक निर्दलीय नेता क़ासिम दाउद ने कहा कि अगर इब्राहीम अल जाफ़री नई सरकार में प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हट जाते हैं तो इससे इराक़ी लोगों की एकजुटता बनी रहेगी. ये पहली बार है जब इब्राहीम अल जाफ़री के अपने गठबंधन से जुड़े किसी नेता ने उनसे पीछे हटने की बात कही है. इब्राहीम अल जाफ़री ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है हालांकि वे पहले कह चुके हैं कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे. सरकार गठन इराक़ में पिछले साल 15 दिसंबर को चुनाव हुए थे लेकिन अब तक सरकार का गठन नहीं हो पाया है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री पद पर विवाद के चलते सरकार के गठन में बाधा आ रही है. वर्तमान प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री शिया गठबंधन की एक प्रमुख पार्टी के नेता हैं. सुन्नी और कुर्द राजनेता कई बार माँग कर चुके हैं कि इब्राहीम अल जाफ़री प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार से अपना नाम वापस लें. इन नेताओं का कहना है कि इब्राहीम अल जाफ़री दूसरे समुदायों के प्रति भेदभाव करते हैं. इराक़ में हुए चुनावों में शिया गठबंधन युनाइटेड इराक़ी अलायंस को सबसे अधिक सीटें मिली थीं लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. कुर्द गठबंधन को 53, कुर्दिस्तान इस्लामिक यूनियन को पाँच और दो सुन्नी पार्टियों को 55 सीटें मिली थीं. इनके अलावा इराक़ी नेशनल लिस्ट के भी 25 उम्मीदवार विजयी रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में ग़लतियाँ हुई हैं:राइस01 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना हिंसा के कारण इराक़ में हज़ारों विस्थापित30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद हमले पर राजनीतिक विवाद27 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीकी जनता धैर्य खो रही है'26 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में तीन बम धमाके, 35 मारे गए23 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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