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बग़दाद हमले पर राजनीतिक विवाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक मस्जिद परिसर पर अमरीकी सेना के हमले में बीस लोगों के मारे जाने के बाद अमरीकी सेना की आलोचना हो रही है और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. अमरीकी सेना का कहना है कि हमले में 16 विद्रोही मारे गए थे और 18 गिरफ़्तार कर लिए गए थे और कई हथियार कब्ज़े में लिए गए. इराक़ के सत्ताधारी शिया गठबंधन ने आरोप लगाया है कि मृतकों में अधिकतर आम नागरिक थे. इराक़ के गृह मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि मस्जिद में घुसना और वहाँ लोगों को जान से मार देना एक हमला था जिसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता. अमरीका ने इन आरोपों का खंडन किया है लेकिन इराक़ी गठबंधन के कुछ सदस्यों ने भी इराक़ियों को निर्दयता से मारने के आरोप लगाए हैं. प्रधानमंत्री इब्राहिम जाफ़री के प्रवक्ता ने कहा कि वे इन ख़बरों से बहुत चिंतित हैं और उन्होंने अमरीकी सैन्य कमांडर जनरल जॉर्ज केसी से फ़ोन पर बात की है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जाँच होगी. अमरीकी सेना का कहना है कि खून-खराबा तब हुआ जब इराक़ी कमांडो और सैनिकों पर घर-घर की तलाशी के दौरान गोलियाँ चलाई गईं. उनका दावा था कि अमरीकी विशेष सुरक्षा बलों के दस्ते वहाँ केवल सलाहकारी भूमिका में मौजूद थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश की इराक़ नीति के लिए पैनल16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी शहर समारा में बड़ा सैन्य अभियान17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध की बरसी पर प्रदर्शन18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'अधिकतर जगह इराक़ी ही तैनात हों'18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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