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सद्दाम के मुक़दमे की सुनवाई शुरू हुई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रविवार को सद्दाम हुसैन के मुक़दमे की सुनवाई दोबारा शुरू हो गई है जिसमें बचाव पक्ष को अपनी बात रखने का मौक़ा दिया जा रहा है. सभी अभियुक्तों को एक-एक करके कटघरे में बुलाया जा रहा है और उनसे अपना पक्ष रखने को कहा जा रहा है. सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्तों पर 1982 में दुजैल नाम के गाँव में 150 लोगों की हत्या करने का आदेश देने का आरोप है. दोषी पाए जाने पर सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्तों को मौत की सज़ा भी हो सकती है. लगभग दो सप्ताह पहले हुई सुनवाई के दौरान सद्दाम हुसैन ने कहा था कि राष्ट्रपति होने के कारण इराक़ में होने वाली हर घटना के लिए वे ही अकेले ज़िम्मेदार हैं लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दुजैल में कोई अपराध नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भी मारा गया उन्हें उस समय लागू क़ानून के तहत ही यह सज़ा दी गई. मुख्य सरकारी वकील जाफ़र मुसावी ने बताया कि पहले अभियुक्तों को अपनी बात कहने का मौक़ा दिया जाएगा और उसके बाद वे अपने बचाव में गवाह पेश करेंगे. मुसावी ने कहा, "कई अभियुक्तों के वकीलों ने कहा है कि वे अपने बचाव में गवाह पेश करना चाहते हैं लेकिन सद्दाम हुसैन या उनके भाई बरज़ान इब्राहीम ने ऐसा नहीं किया है." सभी आठों अभियुक्तों ने ख़ुद को बेक़सूर बताया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के मुक़दमे की सुनवाई टली23 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम मुक़दमे के प्रभारी जज पद छोड़ें'19 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'मुक़दमे का जज बदलना मुश्किल नहीं'15 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम मुक़दमे के जज का इस्तीफ़ा14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम की पिटाई के कोई सबूत नहीं'22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना अमरीका ने सद्दाम के आरोपों को ख़ारिज किया22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना अमरीकी हिरासत में प्रताड़ित किया गया:सद्दाम21 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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