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'सद्दाम मुक़दमे के प्रभारी जज पद छोड़ें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की सत्ता से बाथ पार्टी के पूर्व सदस्यों को हटाने के लिए गठित इराक़ आयोग ने पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के मुक़दमे के प्रभारी जज पर आपत्ति जताई है. इराक़ आयोग का कहना है कि सईद हमीश पूर्व सत्ताधारी बाथ पार्टी के सदस्य थे और उन्हें इस मुक़दमें से दूर रखना चाहिए. अगले सप्ताह सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ मुक़दमें की सुनवाई फिर शुरू हो रही है और सईद हमीश जजों के पैनल की अगुआई करेंगे. इससे पहले मुख्य जज रिज़गार अमीन ने यह कहते हुए अपना पद छोड़ दिया था कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर रही है. अभी तक उनकी जगह कोई स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है लेकिन सईद हमीश जजों के पैनल में वरिष्ठ होने के कारण अगले हफ़्ते पाँच जजों की पैनल का नेतृत्व करेंगे. इराक़ आयोग के प्रमुख अली फ़ैसल ने सईद हमीश को इस्तीफ़ा देने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि अदालत में हामिश की मौजूदगी अधिनियम के ख़िलाफ़ है और उनकी जगह किसी और की नियुक्ति होनी चाहिए. इराक़ आयोग के कार्यकारी निदेशक अली अल लामी ने कहा है कि इस बारे में औपचारिक आपत्ति इराक़ी हाई ट्राइब्यूनल को भेज दी गई है. इराक़ी आयोग की आपत्ति पर सईद हमीश की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है लेकिन अभियोग पक्ष के मुख्य वकील जाफ़र अल मुसावी ने हमीश का बचाव करते हुए कहा है कि कोर्ट के अधिकारी पहले उनके ख़िलाफ़ सबूत देखना चाहेंगे. उन्होंने कहा कि सईद हमीश ने बाथ पार्टी के साथ किसी तरह के संबंध से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि इराक़ आयोग को अपनी बात के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए. पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन और सात अन्य लोगों के ख़िलाफ़ 1982 के दुजैल नरसंहार के मामले में मुक़दमा चल रहा है. सभी लोग इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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