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'मुक़दमे का जज बदलना मुश्किल नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की निवर्तमान सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के मुक़दमे में नया प्रमुख न्यायाधीश लाने में कोई समस्या नहीं आएगी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोवफ़्फ़क़ अल रूबाई ने कहा कि अगर न्यायाधीश रिज़गार मोहम्मद अमीन का इस्तीफ़ा स्वीकृत हो जाता है तो उनकी जगह लेने के लिए कई और विकल्प मौजूद हैं. इराक़ के पूर्व शासक सद्दाम हुसैन के विरूद्ध चल रहे मुक़दमे में प्रमुख न्यायाधीश अमीन ने शनिवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे की सुनवाई करने वाले जजों में से वे एकमात्र ऐसे जज हैं जिनका नाम टेलीविज़न पर सार्वजनिक किया गया है. जज तभी अपना पद छोड़ सकते हैं जब उनके इस्तीफ़े को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के दफ़्तरों से मंज़ूरी मिल जाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगर मुख्य न्यायाधीश का इस्तीफ़ा मंज़ूर हो जाता है तो यह सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ मुक़दमे के लिए एक बड़ा झटका होगा. कारण उनके इस्तीफ़े के कारण के बारे में दो तरह की बातें सामने आई हैं. अदालत से एक सूत्र ने बीबीसी को जानकारी दी है कि सुनवाई को लेकर आम लोगों में जो प्रतिक्रिया हो रही थी उसे लेकर न्यायाधीश काफ़ी निराश थे. लेकिन ये भी बताया जा रहा है कि उन्होंने इराक़ सरकार की शिकायत से नाराज़ होकर इस्तीफ़ा दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इराक़ सरकार ने ये शिकायत की थी कि न्यायाधीश सद्दाम हुसैन के साथ अत्यधिक नरमी बरत रहे हैं. मुक़दमा सद्दाम हुसैन के विरूद्ध जारी मुक़दमे की अगली सुनवाई 24 जनवरी को होनी तय है. सद्दाम और उनके सहयोगियों पर दुजैल गाँव में 148 शिया मुसलमानों की हत्या के आरोप में मुक़दमा चल रहा है. अंतिम सुनवाई के दौरान 22 दिसंबर को सद्दाम ने अदालत में ये आरोप लगाया था कि उन्हें अमरीकी हिरासत के दौरान यातना दी जा रही है. लेकिन अमरीका ने सद्दाम हुसैन के साथ बग़दाद में हिरासत के दौरान किसी तरह का दुर्व्यवहार होने से इनकार किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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