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अदालत में जज से भिड़ गए सद्दाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ चल रहा मुक़दमा एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है. सद्दाम हुसैन के साथ-साथ इस मामले में आठ अन्य अभियुक्तों के ख़िलाफ़ दुजैल नरसंहार के मामले में मुक़दमा चल रहा है. पिछले दिनों इस मामले में बचाव पक्ष के दो वकीलों की हत्या कर दी गई थी और कुछ अभियुक्तों ने अदालत से शिकायत की कि मुक़दमे के दौरान उनका सही प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा है. मुक़दमे की सुनवाई इसलिए स्थगित कर दी गई ताकि अभियुक्त नए वकील ढूँढ़ सकें. एक और अभियुक्त ने कहा कि उसके कैंसर का इलाज नहीं हो रहा है तो एक अन्य अभियुक्त का कहना था कि उसे जान से मारने की धमकी दी रही है. लेकिन सबके आकर्षण का केंद्र पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन एक बार फिर अपने पुराने रंग में दिखे. अदालती कार्रवाई के दौरान कई बार वे जज से भिड़ गए. उन्होंने कहा कि जेल के गार्ड उनके साथ सही ढंग से पेश नहीं आते. चालीस दिन के अंतराल के बाद इराक़ के अपदस्थ राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई है. सद्दाम हुसैन ने अपना पुराना रुख़ कायम रखते हुए मुकदमे की सुनवाई करने वाले जज से कई शिकायतें कीं. अदालत में काला सूट पहनकर कुरानशरीफ़ हाथ में लेकर आए सद्दाम ने कहा कि उन्हें दस्तख़त करने के लिए कलम तक नहीं दी जा रही है. सद्दाम हुसैन और उनके आठ अन्य पूर्व सहयोगियों पर 148 लोगों की हत्या का मुक़दमा चल रहा है. यह घटना 1982 की है जब दुजैल में सद्दाम हुसैन को जान से मारने की नाकाम कोशिश हुई थी जिसके बाद इस गाँव के लोगों को बहुत बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था. इस मुक़दमे में अभियोजन पक्ष ने शुरूआती सबूत के तौर पर एक गवाह का वीडियो दिखाया है, जिस व्यक्ति की यह रिकॉर्डिंग है उसी मृत्यु हाल ही में हो गई है. कड़ा रुख़ अदालत में आते ही सद्दाम हुसैन ने शिकायतों का पुलिंदा खोल दिया, उन्होंने कहा कि उन्हें चार मंज़िल तक सीढ़ियाँ चढ़ाकर लाया गया क्योंकि लिफ़्ट नहीं चल रही थी. सद्दाम हुसैन ने जज से इस बात की शिकायत भी की कि उन्हें विदेशी सुरक्षा गार्ड क्यों ऊपर तक लाए, उन्होंने कहा कि गार्डों ने उनकी कलम तक छीन ली जिसकी वजह से वे दस्तख़त तक नहीं कर पाए. सद्दाम की इन शिकायतों के जवाब में जज ने कहा, "ठीक है, मैं सुरक्षा अधिकारियों को आगाह कर दूँगा." इस पर सद्दाम की प्रतिक्रिया थी, "आप आगाह क्यों करेंगे, आप हुक्म दीजिए, आप इराक़ी हैं, इराक़ एक संप्रभु राष्ट्र है, ये लोग तो आक्रमणकारी, विदेशी और देश पर क़ब्ज़ा करने वाले लोग हैं." इस बीच इराक़ में सद्दाम हुसैन के गृह नगर तिकरित में उनके समर्थन में प्रदर्शन हुए हैं, प्रदर्शनकारियों ने उनकी रिहाई की माँग की है. दूसरी ओर, दुजैल में शियाओं ने सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा देने की माँग करते हुए प्रदर्शन किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सद्दाम हुसैन के मुक़दमे को लेकर आशंका'16 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'सद्दाम हुसैन ने गुनाह नहीं क़बूल किया'08 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन की नयी तस्वीरें जारी हुईं24 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना जेल से लिखी सद्दाम हुसैन ने चिट्ठी 21 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम पर सुनवाई के दौरान 'हमला'30 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम फ़ोटो मामले की अमरीकी जाँच21 मई, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम को मृत्युदंड के ख़िलाफ़ तलाबानी18 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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