|
हरीरी को याद करने हज़ारों लोग जमा हुए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की बेरूत में एक बम विस्फोट में हत्या के एक साल बाद हज़ारों लोग उन्हें याद करने के लिए मध्य बेरूत में जमा हुए हैं. ये लोग 'मार्टेयर्स स्कवेयर' में जमा हुए हैं जहाँ रफ़ीक़ हरीरी दफ़न हैं. उन्होंने लेबनान के लाल और सफ़ेद रंग के झंडे उठाए हुए हैं. स्कूल और दुकानें बंद हैं और जगह-जगह पर सैनिक और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. रफ़ीक़ हरीरी के पुत्र साद हरीरी को लेबनान की संसद में बहुमत का समर्थन हासिल है. उन्होंने हरीरी की हत्या के एक साल बाद बीबीसी को बताया कि लेबनान की स्वतंत्रता और वहाँ लोकतंत्र कायम रखने का संघर्ष जारी है. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके पिता के हत्यारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. संयुक्त राष्ट्र की एक जाँच में सीरियाई अधिकारियों को हरीरी की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है लेकिन सीरिया इस मामले मे अपना हाथ होने से इनकार करता है. महत्वपूर्ण है कि पिछले साल लेबनान में सीरिया के सैनिकों की मौजूदगी के ख़िलाफ़ हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद, सीरिया की सेना को लगभग तीस साल के बाद लेबनान से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका ने सीरिया को चेतावनी दी16 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना लेबनान की सीमा पार तक होगा असर15 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना बेरूत में तनाव, सेना सतर्क15 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना बेरूत में विस्फोट, पूर्व प्रधानमंत्री की मौत 14 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना बुश की सीरिया और ईरान को चेतावनी03 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||