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पश्चिमी देशों को ईरान की चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को सुरक्षा परिषद में भेजा जाता है तो इससे इस संकट को कूटनीतिक तरीके से हल करने का रास्ता बंद हो जाएगा. ईरान ने इससे पहले परमाणु कार्यक्रम का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे जाने के मुद्दे पर महाशक्ति देशों में हुई सहमति को ख़ारिज कर दिया. ईरान के शीर्ष परमाणु वार्ताकार अली लरीजानी ने मंगलवार को कहा कि उनका देश यह मामला सुरक्षा परिषद को भेजे जाने को कूटनीतिक रास्तों के बंद होने के रूप में देखता है. इससे पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम के एक शीर्ष अधिकारी ग़ुलामरज़ा आग़ाज़ादेह ने कहा कि यह मामला सुरक्षा परिषद को सौंपे जाने के लिए कोई क़ानूनी आधार नहीं है. ग़ौरतलब है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा सुरक्षा परिषद में भेजे जाने के मामले में लंदन में हुई एक बैठक में अमरीका और यूरोपीय संघ के साथ रूस और चीन की भी सहमति हो गई है. इन देशों ने प्रस्ताव रखा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम की फ़ाइल अगली कार्रवाई के लिए मार्च में सुरक्षा परिषद को भेजे. बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि महाशक्ति देशों के इस फ़ैसले में ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का विरोध करने वाले रूस और चीन का रुख़ भी झलक रहा है. हालाँकि लंदन में सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्यों की हुई बैठक के बाद देर रात जारी बयान में कहा गया कि सुरक्षा परिषद को ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई से पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक में होने वाले फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए. आईएईए की बैठक गुरुवार, दो फ़रवरी को होने जा रही है और इसमें इस बात का फ़ैसला होना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला सुरक्षा परिषद में भेजा जाए या नहीं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने बीबीसी को बताया, फ़ैसला किया गया है कि मसला सुरक्षा परिषद को भेजने के लिए मार्च में आईएईए की रिपोर्ट आने तक इंतज़ार किया जाएगा. तेल इससे पहले ईरान के तेल मंत्री काज़ेम वज़ीरी हमानेह ने कहा कि उनका देश विश्व बाज़ार में तेल की आपूर्ती कम करने का कोई इरादा नहीं रखता. ईरान के आर्थिक मामलों के मंत्री ने पहले कहा था कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों पर असर पड़ सकता है. लेकिन वज़ीरी हमानेह ने मंगलवार को बीबीसी से कहा कि तेल की आपूर्ति कम करने की कोई वजह नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान के ख़िलाफ़ स्थाई सदस्य एकमत31 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान पर बातचीत में नतीजा नहीं30 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मुद्दे पर स्ट्रॉ-बारादेई में बातचीत28 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने ईरान पर दबाव बढ़ाया27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरानी वार्ताकार का चीन दौरा26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान मामले से निपटे सुरक्षा परिषद'12 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मामले पर यूरोपीय संघ की बैठक 10 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान के 'परमाणु केंद्र' कैसे हैं?09 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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