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ईरान के ख़िलाफ़ स्थाई सदस्य एकमत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और यूरोपीय संघ के साथ रूस और चीन की सहमति हो जाने के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाना तय दिख रहा है. हालांकि लंदन में सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्यों की हुई बैठक के बाद देर रात जारी बयान में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद को ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई से पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक में होने वाले फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए. आईएईए की बैठक गुरुवार, दो फ़रवरी को होने जा रही है और इसमें इस बात का फ़ैसला होना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला सुरक्षा परिषद में भेजा जाए या नहीं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने बीबीसी को बताया, फ़ैसला किया गया है कि मसला सुरक्षा परिषद को भेजने के लिए मार्च में आईएईए की रिपोर्ट आने तक इंतज़ार किया जाएगा. यदि यह मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेज दिया जाता है तो ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. बैठक इस मसले पर सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य देशों अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन और रुस और इसके अलावा जर्मनी के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार देर शाम लंदन में हुई.
वे गुरुवार को होने वाली आईएईए की बोर्ड मीटिंग से पहले अपनी रणनीति पर विचार करना चाहते थे. इससे पहले ईरान के साथ हुई बातचीत में कोई हल नहीं निकल पाया. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. यूं तो आईएईए इस मामले की जाँच कर रही है लेकिन अमरीका और कुछ यूरोपीय देश चाहते हैं कि इसे सुरक्षा परिषद में भेज दिया जाए. ईरान ख़ुद नहीं चाहता कि यह मसला सुरक्षा परिषद को भेजा जाए. कई और देश भी इसका विरोध कर रहे हैं. रूस और चीन का भी मत पहले यही था कि इस मसले को सुरक्षा परिषद में नहीं भेजा जाना चाहिए. लेकिन अब ये दोनों देश भी अमरीका और यूरोपीय संघ से सहमत हो गए दिखते हैं. अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. जबकि ईरान लगातार इसका खंडन करता रहा है. उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान पर बातचीत में नतीजा नहीं30 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मुद्दे पर स्ट्रॉ-बारादेई में बातचीत28 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने ईरान पर दबाव बढ़ाया27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरानी वार्ताकार का चीन दौरा26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान मामले से निपटे सुरक्षा परिषद'12 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान मामले पर यूरोपीय संघ की बैठक 10 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ईरान के 'परमाणु केंद्र' कैसे हैं?09 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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