BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 31 जनवरी, 2006 को 03:53 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ईरान के ख़िलाफ़ स्थाई सदस्य एकमत
ईरान का परमाणु संयंत्र
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है
अमरीका और यूरोपीय संघ के साथ रूस और चीन की सहमति हो जाने के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाना तय दिख रहा है.

हालांकि लंदन में सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्यों की हुई बैठक के बाद देर रात जारी बयान में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद को ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई से पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक में होने वाले फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.

आईएईए की बैठक गुरुवार, दो फ़रवरी को होने जा रही है और इसमें इस बात का फ़ैसला होना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला सुरक्षा परिषद में भेजा जाए या नहीं.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने बीबीसी को बताया, फ़ैसला किया गया है कि मसला सुरक्षा परिषद को भेजने के लिए मार्च में आईएईए की रिपोर्ट आने तक इंतज़ार किया जाएगा.

यदि यह मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेज दिया जाता है तो ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

बैठक

इस मसले पर सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य देशों अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन और रुस और इसके अलावा जर्मनी के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार देर शाम लंदन में हुई.

सुरक्षा परिषद
सुरक्षा परिषद को किसी भी देश के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का अधिकार है

वे गुरुवार को होने वाली आईएईए की बोर्ड मीटिंग से पहले अपनी रणनीति पर विचार करना चाहते थे.

इससे पहले ईरान के साथ हुई बातचीत में कोई हल नहीं निकल पाया.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है.

यूं तो आईएईए इस मामले की जाँच कर रही है लेकिन अमरीका और कुछ यूरोपीय देश चाहते हैं कि इसे सुरक्षा परिषद में भेज दिया जाए.

ईरान ख़ुद नहीं चाहता कि यह मसला सुरक्षा परिषद को भेजा जाए. कई और देश भी इसका विरोध कर रहे हैं.

रूस और चीन का भी मत पहले यही था कि इस मसले को सुरक्षा परिषद में नहीं भेजा जाना चाहिए. लेकिन अब ये दोनों देश भी अमरीका और यूरोपीय संघ से सहमत हो गए दिखते हैं.

अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है.

जबकि ईरान लगातार इसका खंडन करता रहा है. उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.

इससे जुड़ी ख़बरें
ईरान पर बातचीत में नतीजा नहीं
30 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना
अमरीका ने ईरान पर दबाव बढ़ाया
27 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना
ईरानी वार्ताकार का चीन दौरा
26 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>