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सरकार बर्ख़ास्त करने के पक्ष में मतदान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन की संसद ने रूस के साथ गैस समझौते को लेकर सरकार को हटाने के पक्ष में मतदान किया है. पिछले हफ़्ते रूस के साथ हुए समझौते को लेकर यूक्रेन में कड़ी प्रतिक्रिया हो रही थी. दरअसल गैस की क़ीमते बढ़ाने को लेकर पिछले दिनों रूस ने यूक्रेन को गैस देने से मना कर दिया था. बाद में दोगुनी क़ीमत पर रूस और यूक्रेन में समझौता हो गया था. संसद में अपना पक्ष रखते हुए प्रधानमंत्री यूरी येखान्यूरोफ़ ने तर्क दिया कि इस समझौते के कारण ही एक बड़ा संकट टल गया अन्यथा महीनों तक देश को गैस की कमी से जूझना पड़ता. लेकिन एक अप्रत्याशित क़दम उठाते हुए 250 सांसदों ने सरकार को बर्ख़ास्त करने के पक्ष में मतदान किया. संसद में ये प्रस्ताव विपक्ष ने रखा था. हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव पास हो जाने के बाद अब सरकार का क्या होगा. वैसे यूक्रेन की संसद को हाल ही में नए अधिकार मिले थे. माना जा रहा है कि यूक्रेन की सरकार मार्च तक अंतरिम प्रशासन के रूप में काम करे क्योंकि मार्च में संसदीय चुनाव होने हैं. ये छह महीने के दौरान दूसरी बार हुआ है जब यूक्रेन की सरकार बर्ख़ास्त हुई है. किएफ़ से बीबीसी संवाददाता हेलेन फ़ॉक्स का कहना है कि रूस से गैस विवाद सुलझाने के बाद अब यूक्रेन के लिए नया संकट खड़ा हो गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें युशचेन्को ने सरकार को बर्ख़ास्त किया08 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना पुतिन ने युशचेन्को से मुलाक़ात की19 मार्च, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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