BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 03 जनवरी, 2006 को 12:28 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
रूस से यूरोप को गैस आपूर्ति बहाल हुई
गैस का चूल्हा
अनेक देशों में गैस आपूर्ति पर असर पड़ा था
रूस और यूक्रेन के बीच गैस की क़ीमत पर उठे विवाद के बाद इस मसले को सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रयास हो रहे हैं.

इस बीच रूस की सरकारी गैस कंपनी गैज़प्रोम ने कहा है कि मध्य और पश्चिमी यूरोप को गैस आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई है.

यूरोप के कई देशों में गैस आपूर्ति में कमी दर्ज की गई थी. फ़्रांस, इटली, जर्मनी और पोलैंड समेत कई देशों को गैस की सप्लाई 40 प्रतिशत तक घट गई थी.

गैज़प्रोम ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि यूक्रेन यूरोपीय देशों को जाने वाली गैस पाइप लाइनों में से चोरी कर रहा है जबकि यूक्रेन ने इन आरोपों का खंडन किया है.

यूक्रेन का कहना है कि रूस ऊर्जा के मामले को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है.

गैज़प्रोम और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच मंगलवार को मॉस्को में फिर से बातचीत होनी है.

कंपनी ने कहा है कि यूरोपीय देशों को गैस आपूर्ति में बाधा आने से जो परेशानी हुई है उसकी भरपाई की जाएगी ताकि यूरोपीय उपभोक्ताओं को और परेशानी ना हो लेकिन ऐसा अनिश्चितकाल के लिए नहीं किया जा सकता.

इससे पहले रूस ने कहा था कि यूक्रेन को गैस की आपूर्ति घटाने से पैदा हुई इस स्थिति से निपटने के लिए वह कई यूरोपीय देशों को गैस की आपूर्ति बढ़ा रहा है.

रूस का कहना है कि वह हर रोज़ 95 घन मीटर अतिरिक्त गैस भेज रहा है ताकि यूक्रेन ने जो गैस 'चुराई' है, उसकी भरपाई हो सके.

रूस और यूक्रेन के बीच विवाद तब उठा जब रूस की सरकारी गैस कंपनी गैज़प्रोम ने गैस की क़ीमत चार गुना बढ़ा दी जो यूक्रेन को स्वीकार्य नहीं है.

यूरोपीय संघ सक्रिय

यूरोपीय संघ की विदेशी नीति प्रमुख हाविए सोलाना का कहना है कि बातचीत के ज़रिए समस्या का हल ही एक मात्र विकल्प है.

सोलाना
सोलाना के अनुसार मुद्दे का बातचीत के ज़रिए हल ही एक मात्र विकल्प है

उनका कहना था कि यूरोपीय संघ कोशिश कर रहा है कि रूस और यूक्रेन दोबारा बातचीत शुरु करें.

यूरोप, अमरीका और जापान के राजदूत यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर युश्चेन्को से मिले लेकिन उनका कहना था कि यूक्रेन मुद्दे के हल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं.

ऊर्जा और राजनीतिक लक्ष्य

तेल और ऊर्जा मामलों के विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने बीबीसी हिंदी सेवा को बताया कि स्पष्ट हो गया है कि रूस ऊर्जा का इस्तेमाल आगे भी कूटनीतिक या राजनीतिक इरादों के लिए करेगा और इसके दूरगामी परिणाम होंगे.

उनके अनुसार रूस के पास ऊर्जा के भंडार दुनिया में सबसे ज़्यादा हैं.

तेल और ऊर्जा मामलों के विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने बताया कि पिछले दस साल में यूरोप की रूस पर निर्भरता बढ़ी है.

उनके मुताबिक जर्मनी जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था की तो रूस पर इतनी निर्भरता है कि आने वाले सालों में वह कभी भी जर्मनी की अर्थव्यवस्था को धक्का पहुँचा सकता है.

ईरान-पाकिस्तान-भारत पाईपलाइन पर पूछे जाने पर नरेंद्र तनेजा का कहना था कि भारत को भी ऐसी नीतियों का परिणाम भुगतना पड़ सकता है और इससे इस पाईपलाइन के विरोधियों की आवाज़ को और बल मिलेगा.

लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे ये मानते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप का भविष्य अपने पड़ोसियों के साथ इस क्षेत्र में सहयोग करके आगे बढ़ने में ही है.

इससे जुड़ी ख़बरें
विवादित गैस पाइप लाइन पर काम शुरू
09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>