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सोमवार को होश में लाने की कोशिश होगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन का इलाज कर रहे डॉक्टर उन्हें सोमवार को होश में लाने की कोशिश करेंगे. लेकिन ये तभी होगा अगर रात भर उनकी हालत स्थिर रहती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शेरॉन को अचेत रखने के लिए दी जा रही दवाई धीरे धीरे कम की जाएगी. हदासाह अस्पताल के निदेशक ने बताया कि रविवार को उनके मस्तिष्क का फिर से स्कैन किया गया और उनकी मस्तिष्क गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है. दो डॉक्टरों ने कहा है कि ऐसी बहुत कम संभावना है कि शेरॉन अब फिर से सरकार के मुखिया के तौर पर अपने कामकाज सामान्य रूप से कर पाएंगे हालांकि उनके ठीक होने के आसार काफ़ी ज़्यादा हैं. शेरॉन को दवाइयाँ के सहारे अचेत रखा गया है. एहुद ओलमर्ट इलाज के क्रम में डॉक्टरों ने शेरॉन को दवा देकर कोमा में रखा है ताकि उनके मस्तिष्क को और नुक़सान ना हो. डॉक्टरों ने कहा है कि शेरॉन के मस्तिष्क में सूजन में कमी आई है, लेकिन यह पता लगाने के लिए कि दौरे का उन पर क्या असर पड़ा है, इसके लिए दवाइयाँ कम करनी होंगी. रविवार को ही कार्यवाहक प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार मंत्रिमंडल की पूरी बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि इसराइल का लोकतंत्र मज़बूत है और सब जगह ठीक तरह से काम हो रहा है. एहुद ओलमर्ट को सबसे पहले ये फ़ैसला करना होगा कि फ़लस्तीनी क्षेत्रों में 25 जनवरी को होने वाले चुनाव में पूर्वी यरुशलम में रहने वाले फ़लस्तीनियों को मतदान करने दिया जाए या नहीं. इसराइल में भी मार्च में आम चुनाव होने हैं और चुनाव तय कार्यक्रम के मुताबिक़ 28 मार्च को ही होंगे. कुछ समय पहले ही इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने लिकुड पार्टी छोड़ कर कदिमा पार्टी का गठन किया था और सर्वेक्षणों में उनकी पार्टी की जीत तय मानी जा रही थी. |
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