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'सीरियाई सरकार का तख़्ता पलट दें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल हलीम ख़द्दाम ने देश की मौजूदा सरकार का तख़्ता पलट देने का आहवान किया है. ख़द्दाम ने पिछले सप्ताह एक टेलीविज़न चैनल को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या में सीरियाई नेतृत्व शामिल रहा है. ख़द्दाम ने पेरिस में एक अरबी अख़बार अशरक़ अल औसत को दिए इंटरव्यू में ये बात कही है. कुछ अरसे पहले तक सीरियाई नेतृत्व के महान स्तंभ माने जाने वाले अब्दुल हलीम ख़द्दाम अब राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार का तख्तापलट करने की बात कर रहे हैं. पूर्व उप- राष्ट्रपति ख़द्दाम ने राष्ट्रपति असद की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता पूरी तरह से अपने हाथों में ले रखी है और उसके तहत उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए हैं जो देश के हित में नहीं हैं. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस बारे में अब ही क्यों खुलकर सामने आना पसंद किया, तो अब्दुल हलीम ने कहा कि उन्हें लगा कि इसी में देश की भलाई है. सीरियाई पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे सैन्य तख़्तापलट के पक्ष में नहीं हैं. लेकिन कई दशकों से वह सीरियाई नेतृत्व और उनके दमनकारी शासन के काफ़ी क़रीब रहे हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सीरियाई विपक्ष ख़द्दाम के इस बदले हुए रूप पर भरोसा करता है या नहीं और विपक्ष उन्हें अपना सहयोगी या नेता मानने के लिए तैयार है या नहीं. उधर सीरियाई संसद ने अब्दुल ख़द्दाम पर देशद्रोह के आरोपों के तहत मुक़दमा करने की बात कही है. साथ ही सरकार ने पूर्व उप राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और परिवार की सारी सम्पत्ति ज़ब्त कर ली. | इससे जुड़ी ख़बरें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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