|
ब्रिटेन की सीरिया को चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने सीरिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच में सहयोग करें. लेबनान के दौरे पर गए विदेश मंत्री स्ट्रॉ ने सीरिया की कड़ी आलोचना की और कहा कि वर्षों तक सीरिया ने लेबनान को अपनी जागीर की तरह चलाया और अब उस पर काफ़ी दबाव है. उन्होंने सीरिया के पूर्व उप राष्ट्रपति अब्दुल हलीम ख़दाम के आरोपों को काफ़ी गंभीर बताया. कुछ दिनों पहले ख़दाम ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर आरोप लगाया था कि उन्होंने हरीरी की हत्या के कुछ महीने पहले उन्हें धमकी दी थी. जैक स्ट्रॉ ने कहा, "अब सीरिया पर पहले से कहीं ज़्यादा दबाव है. यह सीरिया के राष्ट्रपति असद और उनकी सरकार के लिए ख़ुद को साबित करने का समय है." 'गंभीर सवाल' उन्होंने कहा कि सीरिया इस समय कुछ गंभीर सवालों का सामना करना है- क्या वह हरीरी की मौत की जाँच में पूरी तरह सहयोग करेगा, क्या वह लेबनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा और क्या वह 'आतंकवादी' गुटों को सहयोग देना बंद करेगा? पिछले साल फरवरी में बेरूत में हुए एक कार बम धमाके में रफ़ीक हरीरी की मौत हो गई थी. इस मामले की जाँच कर रही संयुक्त राष्ट्र की टीम ने सीरिया पर दोष मढ़ा है लेकिन सीरिया इससे इनकार करता है. पिछले साल अप्रैल में सीरिया ने बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण लेबनान से अपने सैनिकों को वापस हटा लिया था. सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के जाँचकर्ताओं ने कहा था कि वे सीरिया के पूर्व उप राष्ट्रपति के आरोपों के बाद राष्ट्रपति बशर अल असद से पूछताछ करना चाहते हैं. लेकिन अभी तक इसका कोई जवाब नहीं आया है. वैसे राष्ट्रपति असद ने संयुक्त राष्ट्र की टीम से सहयोग करने का वादा किया है और उन्होंने कुछ सीरियाई अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति भी दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||