|
हरीरी हत्याकांड में जाँच की अवधि बढ़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में जाँच अवधि छह महीने और बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया है. मतदान में कहा गया है कि जाँच के सिलसिले में सीरिया से ‘पूरा और बिना शर्त’ सहयोग मिलना अभी बाकी है. सुरक्षा परिषद में पारित प्रस्ताव में जाँच आयोग को अधिकृत किया गया है कि वो लेबनान में हुए हत्या के अन्य मामलों की जाँच में उसकी मदद करे. लेकिन परिषद अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण बनाने के लेबनान के अनुरोध पर सहमत नहीं हुआ. प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान से इस तरह का प्राधिकरण बनाने के आसार के बारे में पता लगाने के लिए कहा गया है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने पत्रकारों से कहा,“ये प्रस्ताव सीरियाई नेताओं के लिए संदेश है कि वे ‘भाग’ नहीं सकते.” जॉन बोल्टन का कहना था कि इस पूरी कवायद का मकसद हरीरी हत्याकांड मामले की तह तक पहुँचना और दोषियों को सज़ा देना है. मामले की जाँच कर रहे संयुक्त राष्ट्र आयोग का मानना है कि रफ़ीक हरीरी की हत्या में सीरियाई ख़ुफ़िया अधिकारियों का हाथ है. सीरिया इस आरोप से इनकार करता आया है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||