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संयुक्त राष्ट्र से जाँच का आग्रह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिनिओरा ने कहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र से ये आग्रह करेंगे कि वह सीरिया विरोधी नेताओं पर बढ़ते हमलों के बारे में जाँच करे. लेबनानी प्रधानमंत्री ने ये बात राजधानी बेरूत में हुए एक कार बम धमाके के कुछ ही घंटों बाद कही जिसमें एक सीरिया विरोधी सांसद तथा एक पत्रकार की मौत हो गई. लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या के बारे में आई ताज़ा रिपोर्ट सुरक्षा परिषद के सदस्यों को सौंप दी गई है. इसमें कहा गया है कि हरीरी की हत्या के पीछे प्रमुख संदिग्ध सीरियाई अधिकारी ही हैं. संयुक्त राष्ट्र की एक प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात की संभावना बेहद कम ही है कि हरीरी पर हुआ हमला बिना सीरिया की जानकारी के हुआ हो. सीरिया ने इस हमले के षडयंत्र में किसी तरह का हाथ होने से इनकार किया है और इस आलोचना को भी ग़लत बताया है कि वह जाँच में सहयोग नहीं कर रहा. संयुक्त राष्ट्र ने इस सिलसिले में अनिश्चित कार्रवाई करने की चेतावनी दी है और सुरक्षा परिषद में मंगलवार को इस बारे में पेश रिपोर्ट पर चर्चा होनेवाली है. आग्रह लेबनानी प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे सुरक्षा परिषद से आग्रह करेंगे कि वह सांसद जिबरान तुएनी की मौत और इससे पहले हुई मौतों के बारे में जाँच करे. प्रधानमंत्री फ़ुआद सिनिओरा ने कहा,"मैं शहीद रफ़ीक हरीरी की हत्या के बारे में अंतरराष्ट्रीय अदालत जैसी एक अदालत गठित करने का भी अनुरोध करूँगा क्योंकि ये मामला व्यक्तिगत हत्या से कहीं आगे चला गया है". इस वर्ष फ़रवरी में रफ़ीक हरीरी की हत्या के बाद से अभी तक लेबनान की ईसाई और सीरिया विरोधी बस्तियों में 14 बम हमले हुए हैं. इन हमलों में कम-से-कम 13 लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं. सीरिया ने कहा है कि सोमवार को हुआ हमला उसकी छवि को ख़राब करने का एक प्रयास है क्योंकि एक दिन बाद ही सुरक्षा परिषद में हरीरी की ह्त्या से संबंधित रिपोर्ट पर चर्चा होनेवाली है. हत्या
जिबरान तुएनी को पहले ही जान का ख़तरा था जिसके कारण वे पेरिस में रह रहे थे. लेकिन पेरिस से बेरूत पहुँचने के अगले ही दिन उनकी हत्या कर दी गई. वे देश के एक उदार समाचारपत्र अन नाहर के व्यवस्थापक संपादक थे और लेबनान पर सीरिया के कब्ज़े के प्रखर विरोधी थे. 48 वर्षीय तुएनी इसी वर्ष जून में लेबनान की संसद के लिए चुने गए थे. एक अनजान से गुट ने एक बयान जारी कर कहा है कि तुएनी पर हुए हमले में उसका हाथ है. उल्लेखनीय है इस वर्ष लेबनान में रफ़ीक हरीरी की हत्या के बाद तीव्र सीरिया विरोधी प्रदर्शन हुए थे जिसके बाद सीरिया को लेबनान से अपने सैनिकों को हटाना पड़ा था. | इससे जुड़ी ख़बरें बेरूत धमाके में सांसद की मौत12 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सीरिया के ख़िलाफ़ ठोस सबूत: जाँचकर्ता12 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना लेबनान में सामूहिक क़ब्र में 20 शव मिले03 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना लेबनान के राष्ट्रपति से पूछताछ12 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'हरीरी की हत्या में सीरिया का हाथ'21 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना लेबनान में सीरिया विरोधी गठबंधन जीता20 जून, 2005 | पहला पन्ना सीरिया लेबनान से पूरी वापसी पर तैयार12 मार्च, 2005 | पहला पन्ना बेरूत में विस्फोट, पूर्व प्रधानमंत्री की मौत 14 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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