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अमरीका में 1000वें व्यक्ति को मृत्युदंड | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में 1976 में मृत्युदंड का प्रावधान दोबारा शुरू किए जाने के बाद से अब 1000 व्यक्ति को मौत की सज़ा दी जा चुकी है. नॉर्थ कैरोलाइना में केनेथ बोएड 1000वें व्यक्ति थे, जिन्हें हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद ज़हरीला इंजेक्शन देकर मार डाला गया. केनेथ ने अपनी पत्नी और ससुर की 1988 में हत्या कर दी थी. उन्हें तीन इंजेक्शन लगाए गए, पहली सुई नींद की थी, दूसरी शरीर को सुन्न करने वाली और तीसरी दिल की धड़कन को रोकने के लिए. मौत की सज़ा मिलने से पहले 57 वर्षीय केनेथ का कहना था कि मौत की सज़ा "और कुछ नहीं बल्कि बदले की कार्रवाई है" जबकि केनेथ के हाथों मारे गए दोनों व्यक्तियों के रिश्तेदार मानते हैं कि केनेथ को जीने का हक़ नहीं था. केनेथ ने अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी थी कि उनकी मौत की सज़ा कम कर दी जाए लेकिन अदालत ने उनकी अपील को ठुकरा दिया. नॉर्थ कैरोलाइना के गवर्नर माइक एस्ली का कहना है कि अदालत को कोई ऐसी वजह नहीं दिखी कि उनकी सज़ा कम की जाए. केनेथ को ग्यारह वर्ष पहले मौत की सज़ा सुनाई गई थी और उसके बाद से अब तक अपील की प्रक्रिया चलती रही. केनेथ के दोनों बेटे अपनी माँ और नाना की मौत के गवाह रहे हैं, गुरूवार को वे अपने पिता से मुलाक़ात करने भी पहुँचे. अमरीका में मौत की सज़ा 1966 में समाप्त कर दी गई थी लेकिन दस वर्ष बाद वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इसे दोबारा शुरू कर दिया. वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका में मौत की सज़ा को लेकर बहस चलती रहती है और अब जज भी बहुत ही विशेष परिस्थितियों में मौत की सज़ा सुनाते हैं. एक दिलचस्प तथ्य है कि अब तक अमरीका में जितने लोगों को मौत की सज़ा दी गई है उनमें से एक-तिहाई से अधिक सिर्फ़ टेक्सस प्रांत में दी गई हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में फिर शुरू हुआ मृत्युदंड27 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस भारत में मृत्युदंड पर गहरे मतभेद05 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में फिर मृत्युदंड का प्रावधान21 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सद्दाम को मृत्युदंड के ख़िलाफ़ तलाबानी18 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी क्षेत्र में मृत्युदंड बहाल12 जून, 2005 | पहला पन्ना मौत की सज़ा पर पुनर्विचार की अपील20 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना पाकिस्तान में चार और लोगों को मृत्युदंड04 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस मृत्युदंड पर एक बार फिर विवाद20 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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