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पुलिस प्रमुख के बयानों की जाँच होगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में 22 जुलाई को लंदन पुलिस की कार्रवाई में ब्राज़ीली युवक के मारे जाने की घटना के संबंध में सबसे वरिष्ठ ब्रितानी पुलिस अधिकारी और लंदन पुलिस प्रमुख के दिए बयानों की जाँच होगी. पुलिस ने पहले कहा था कि इस कार्रवाई का सीधा संबंध 22 जुलाई को हुई बमबारी की नाकाम कोशिश से था. लेकिन बाद में पुलिस ने ये माना था कि ब्राज़ीली युवक पर पुलिस ने ग़लती से ये समझकर गोलियाँ चलाईं कि वह एक आत्मघाती हमलावर है. जाँच की घोषणा ब्रिटेन में पुलिस के ख़िलाफ़ शिकायतों की जाँच करने वाले स्वतंत्र संगठन ने की है. संगठन के अनुसार जाँच का मुद्दा ये होगा कि क्या मेट्रोपोलिटन पुलिस के प्रमुख सर इयन ब्लेयर और अन्य अधिकारियों ने इस घटना के बाद जो सार्वजनिक बयान दिए वे झूठे थे?
ब्राज़ीली नागरिक 27 वर्षीय ज्याँ चार्ल्स डी मेनेज़ेस लंदन में एक इलेक्ट्रीशन का काम करते थे. उनके परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया है. ये तहकीकात 22 जुलाई को हुई इस पुलिस कार्रवाई की जाँच के अतिरिक्त होगी. मेट्रोपोलिटन पुलिस ने इस जाँच की घोषणा का स्वागत किया है लेकिन ज़ोर देकर कहा है कि ये मामला केवल सर इयन ब्लेयर से संबंधित नहीं है. पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि इस घटना से संबंधित सभी अधिकारी जाँच में पूरी तरह सहयोग करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें लंदन पुलिस के दावे पर सवालिया निशान17 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना लंदन धमाकों के सिलसिले में आरोप दायर07 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना ब्लेयर ने कड़े कदम उठाने की घोषणा की05 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना लंदन में भारी सुरक्षा व्यवस्था04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना लंदन धमाकों में पहला मामला दर्ज03 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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