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रविवार, 27 नवंबर, 2005 को 16:20 GMT तक के समाचार
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आतंकवाद की निंदा के साथ बैठक ख़त्म
राष्ट्रमंडल महासचिव और माल्टा के प्रधानमंत्री
इस सम्मेलन में विकासशील देशों से व्यापार के मुद्दे पर रूख़ बदलने के लिए कहा गया है
राष्ट्रमंडल देशों का सम्मेलन माल्टा में ख़त्म हो गया है. सम्मेलन के आख़िरी दिन जारी बयान में नेताओं ने हर तरह के आतंकवाद की निंदा की है.

बयान में नेताओं ने कहा कि नागरिकों की हत्या को किसी भी सूरत में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता.

लेकिन साथ ही कहा गया है कि इससे निपटने के लिए जो क़दम उठाए जाएँ उनसे मानवाधिकारों का हनन न हो.

सम्मेलन की मेहमाननवाज़ी कर रहे माल्टा के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बयान किसी एक देश के संदर्भ में नहीं दिया गया है.

सभी 53 देशों ने ये भी कहा है कि ये राष्ट्रमंडल का दायित्व है कि वो आतंकवाद को बढ़ावा और उसे मिलनी वाली वित्तीय मदद की मुद्दे से निपटे.

व्यापार

इस सम्मेलन में ख़ास तौर पर व्यापार का मसला छाया रहा है. राष्ट्रमंडल संगठन के महासचिव डॉन मैक्किनन ने कहा कि यूरोपीय संघ अमरीका की ही तरह व्यापार के मुद्दे पर बेहतर प्रस्ताव लेकर आए.

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को विकासशील देशों की मदद करने के लिए और क़दम उठाने चाहिए.

सम्मेलन में अलग से भी एक बयान जारी किया गया है जिसमें छोटे देशों की मदद करने की बात की गई है.

इससे पहले राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं ने कल कड़े शब्दों में जारी बयान में कहा था कि विकसित देश अगले महीने विश्व व्यापार संगठन की बैठक में लचीला रूख़ अपनाएँ.

इस बयान में कहा गया था कि अमीर देश राजनीतिक साहस का परिचय दें, ख़ासकर कृषि और बाज़ार खोलने के मुद्दे पर.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी सम्मेलन में आगाह किया था कि अगर हाँगकाँग में होने वाली विश्व व्यापार संगठन की बैठक विफल रही तो इसके गंभीर परिणाम होंगे.

विश्व व्यापार में राष्ट्रमंडल देशों की 30 फ़ीसदी भागीदारी है.

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