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राष्ट्रमंडल में भारत ने रोड़े अटकाएः पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह राष्ट्रमंडल में उसके शामिल होने की प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उनका ज़िम्बाब्वे की तरह राष्ट्रमंडल से बाहर होने का कोई इरादा नहीं है लेकिन वह नीति-निर्धारक परिषदों से उसे बाहर रखे जाने से क्षुब्ध है. इन परिषदों से पाकिस्तान की सदस्यता 1999 में निलंबित कर दी गई थी जब जनरल मुशर्रफ़ ने तख़्ता-पलट की कार्रवाई के बाद सत्ता संभाली थी. पाकिस्तान का कहना है कि अब उसने राष्ट्रमंडल की समितियों में शामिल होने की सभी शर्तें पूरी कर ली हैं लेकिन उसकी इस बात से नाइजीरिया के सम्मेलन में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधि सहमत नहीं थे.
विदेश सचिव मसूद ख़ान का कहना है कि का राष्ट्रमंडल जिस तरह के मानदंड इस्तेमाल कर रहा है वह भेदभावपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जो नकारात्मक छवि बन रही है वह राष्ट्रमंडल को उतना प्रभावी नहीं बना रही है कि वह ख़ुद को पूरी तरह लोकतांत्रिक दिखा सके. मसूद ख़ान ने कहा कि यह कोई ढकी-छिपी बात नहीं है कि ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से समर्थन मिलने के बावजूद वह पाकिस्तान का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भारत है जो उसके रास्ते में रोड़े अटका रहा है. उन्होंने भारतीय और पाकिस्तानी कश्मीर के बीच कँटीली बाड़ लगाने के लिए भी भारत की आलोचना की. भारत का कहना है कि यह बाड़ इस्लामी चरमपंथियों की घुसपैठ रोकने के लिए है. |
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