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ज़िम्बाब्वे ने राष्ट्रमंडल छोड़ने का फ़ैसला किया
ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने घोषणा की है कि उनका देश राष्ट्रमंडल की सदस्यता छोड़ रहा है. उनका कहना था कि ज़िम्बाब्वे को निलंबित रखे जाने के फ़ैसले को वो स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने घोषणा की कि ज़िम्बाब्वे तत्काल प्रभाव से राष्ट्रमंडल से अलग हो रहा है. राष्ट्रपति मुगाबे ने अपने फ़ैसले की सूचना राष्ट्रमंडल के वरिष्ठ नेताओं को दे दी है. ज़िम्बाब्वे को पिछले साल इन आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया था कि राष्ट्रपति मुगाबे ने दोबारा सत्ता में वापसी के लिए चुनावों में धांधली की थी. ज़िम्बाब्वे का मुद्दा नाइजीरिया की राजधानी अबुजा में चल रहे राष्ट्रमंडल सम्मेलन में छाया हुआ है. व्यापक चर्चा के बाद रविवार को फ़ैसला किया गया था कि ज़िम्बाब्वे को अभी राष्ट्रमंडल से निलंबित रखा जाए. पक्ष-विपक्ष हालांकि इस फ़ैसले से कई देश नाख़ुश थे. वे ज़िम्बाब्वे का निलंबन वापस चाहते थे. दक्षिण अफ़्रीका ज़िम्बाब्वे का निलंबन वापस लिए जाने के पक्ष में था और इसे जारी रखे जाने से अप्रसन्न नज़र आ रहा था.
लेकिन कुछ अन्य देश ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के पक्ष में थे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना था कि निलंबन जारी रखने से ज़िम्बाब्वे को कड़ा संदेश जाएगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़िम्बाब्वे का निलंबन जारी रखने की कूटनीति धराशायी होती नज़र आ रही है और राष्ट्रमंडल बंटा और संकट में नज़र आ रहा है. संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रमंडल के अधिकारियों और ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों को इस संगठन की एकता बनाए रखने के लिए कड़े प्रयास करने होंगे. |
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