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शुक्रवार, 28 अक्तूबर, 2005 को 07:06 GMT तक के समाचार
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हू जिंताओ उत्तर कोरिया को मनाएंगे
हू जिंताओ
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चल रहे विवाद पर बातचीत के वास्ते प्योंगयोंग जा रहे हैं.

चीन के राष्ट्रपति की इस यात्रा को काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चीन उत्तर कोरिया के काफ़ी नज़दीक रहा है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हू जिंताओ क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति" मज़बूत करने के मुद्दे पर बातचीत करेंगे.

2001 के बाद से किसी चीनी राष्ट्रपति की यह पहली उत्तर कोरिया यात्रा होगी. उनकी इस यात्रा को उत्तर कोरिया को परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते की तरफ़ बढ़ने पर राज़ी करने की दिशा में काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अमरीका चाहता है कि उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अंतिम उपाय के तौर पर चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.

उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि हालाँकि उत्तर कोरिया के इस दावे की सच्चाई की जाँच परख मुश्किल है लेकिन यह दावा सही भी हो सकता है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की बातचीत नवंबर में फिर से शुरू हो सकेगी.

बेजिंग में पिछले दौर की बातचीत में उत्तर कोरिया इस शर्त पर अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर राज़ी हुआ था कि उसे कुछ आर्थिक और सुरक्षा गारंटी दी जाएँ.

लेकिन उसके कुछ ही समय बाद उसने कह दिया था कि जब तक उसे असैन्य परमाणु संयंत्र नहीं मिलता तब तक वह अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद नहीं करेगा.

लेकिन अमरीका और जापान दोनों ने ही इस माँग को नामंज़ूर कर दिया था.

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर 2002 में तब विवाद शुरू हुआ था जब अमरीका ने उस पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था और जिसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन क़रार दिया था.

उसके बाद से इस मुद्दे पर चार दौर की बातचीत हो चुकी है जिसमें रूस, चीन, जापान, अमरीका और दक्षिण कोरिया के साथ-साथ उत्तर कोरिया भाग ले रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सर्वसहमत हल नहीं निकल सका है.

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