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बचाव पक्ष को सुरक्षा देने की पेशकश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की क़ानूनी टीम को सुरक्षा प्रदान करने की पेशकश की गई है. सद्दाम हुसैन के सहयोगी का मुक़दमा लड़ रहे सादौन नसूफ़ अल जनाबी को राजधानी बग़दाद में मृत पाया गया था. जनाबी का गुरूवार को अपहरण किया गया जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. उनके सिर और सीने में गोली मारी गईं और गुरूवार रात को ही उनका शव बग़दाद की फ़िरदौस मस्जिद के बाहर पाया गया. इराक़ी सरकार ने इस हत्या की निंदा की है. एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि ऐसा लगता है कि हत्या में विद्रोहियों का हाथ है. मुक़दमे पर असर जनाबी की हत्या से सद्दाम हुसैन और उनके साथियों पर चलाए जाने वाले मुक़दमे पर असर पड़ सकता है. इराक़ी वकीलों के संगठन के एक अधिकारी का कहना है कि ये स्पष्ट है कि जनाबी की हत्या बाथ पार्टी के सदस्य का मुक़दमा लड़ने की वजह से की गई है. वकीलों की यूनियन ने चेतावनी दी है कि जनाबी की हत्या से देश की न्याय व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है. यूनियन के एक अधिकारी दिया अल सादी ने कहा, " इस हादसे के बाद वकील उन लोगों के मुक़दमे लड़ने से डरेंगे जिन्हें राजनीतिक कारणों से गिरफ़्तार किया गया है." जनाबी सद्दाम हुसैन के एक सहयोगी अवाद हामिद अल बंदार का मुक़दमा लड़ रहे थे. अल बंदार सद्दाम हुसैन के शासनकाल में वरिष्ठ जज थे. ग़ौरतलब है कि यह मुक़दमा गत बुधवार को शुरू हुआ था लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसे स्थगित कर दिया गया था क्योंकि गवाह नहीं आए थे. सद्दाम हुसैन के शासनकाल में एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारी रहे वदाह इस्माइल अल शेख़ से रविवार को अस्पताल में ही बयान लिया जाएगा. वह बीमार होने की वजह से बुधवार को अदालत में नहीं आ सके थे. वह कैंसर के मरीज़ हैं. |
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