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चीन में बर्ड फ़्लू से 2600 पक्षी मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की सरकार ने बर्ड फ़्लू बीमारी के कारण 2600 पक्षियों के मरने की पुष्टि की है. पक्षियों की मौत उत्तरी मंगोलिया क्षेत्र के एक फ़ार्म में ख़तरनाक मारे जाने वाले एच-5-एन-1 वायरस के कारण हुई. लेकिन चीन ने ये नहीं बताया है कि इन पक्षियों की मौत कब हुई थी. ये ख़बर तब आई है जब संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि रोमानिया और तुर्की के बाद बर्ड फ़्लू बीमारी के मध्य पूर्व और अफ़्रीका पहुँचने का ख़तरा है. संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी जोज़फ़ डोमेनेच ने कहा कि ख़तरा ये है कि उत्तरी और पूर्वी अफ़्रीका में उड़कर पहुँच रहे पक्षी इस वायरस को वहाँ पहुँचा सकते हैं. यूरोप में तैयारी उधर यूरोपीय संघ ने इस बीमारी का सामना करने के लिए क्षेत्र की सरकारो दो दिन के इस प्रयोग की पूरी जानकारी तो नहीं दी गई है लेकिन बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि इसकी योजना 18 महीने पहले बनाई गई थी. यूरोपीय संघ की बीमारी रोकने की एजेंसी ने इस वायरस के बारे में चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा है कि यूरोप को इससे बहुत कम ख़तरा है. इस एजेंसी के अध्यक्ष ने लोगों से दो नियमों का पालन करने के लिए कहा है -- एक तो यह कि मरे हुए पक्षियों को हाथ न लगाएँ और दूसरा ये कि पूरी तरह बने हुए माँसाहार और अंडों का ही सेवन करें. |
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