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रोमानिया में पक्षियों का सफ़ाया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमानिया में बर्ड फ़्लू के एक मामले की पुष्टि के बाद बड़े पैमाने पर पक्षियों को मारा जा रहा है. मारे जाने वाले पक्षियों में मुर्गा-मुर्ग़ी, बत्तख़ वग़ैरा शामिल हैं. शुक्रवार को सीमूरीला डी जो इलाक़े में क़रीब 17 हज़ार पालतू पक्षी मारे गए जिसके बाद रविवार को भी ये काम मलीयूक गाँव में घरेलू पक्षियों का सफ़ाया किया जा रहा है. बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि के बाद रोमानिया में अनेक क़दम उठाए गए हैं जिनमें प्रभावित इलाक़े को बाकी इलाक़ों से अलग करना, पक्षियों को अलग रखना और शिकार पर रोक लगाना शामिल है. लगभग 25 हज़ार लोगों को फ्लू से बचने की दवाई दी जा चुकी है. रोमानिया के एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, "इस बीमारी को रोकने का एक मात्र उपाय ये है कि मज़बूती से कार्रवाई की जाए." परीक्षण से पता चला है कि रोमानिया में पाया गया वायरस वही है जिससे एशिया में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 2003 से लेकर अब तक दक्षिण एशिया में एच5एन1 विषाणु से मवेशियों को भी काफ़ी नुक़सान पहुँचा है. मनुष्यों में ये बीमारी पक्षियों के संपर्क में आने से फैली है लेकिन इस बात को लेकर डर बना हुआ है कि इस वायरस का एक प्रकार मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि अगर ऐसा हुआ तो लाखों लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं. बीबीसी संवाददाता निक थोर्प का कहना है कि रोमानिया की अर्थव्यवस्था काफ़ी हद तक पोल्ट्री पर आधारित है और इन कदमों का देश पर बुरा असर पड़ रहा है. तुर्की में बर्ड फ़्लू के ख़तरनाक वायरस होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. इसके बाद यूरोपीय संघ ने तुर्की और रोमानिया से पक्षियों और पोल्ट्री उत्पादों का आयात बंद कर दिया है. |
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