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ऐसे होता है तूफ़ानों का नामकरण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिंडी, डेनिस, एमिली, फ्रैंकलिन, हार्वी.... ऐसा लगता है कि ये आम लोगों के नाम हैं लेकिन ये उन तूफ़ानों के भी नाम हैं जो इस वर्ष अटलांटिक महासागर में आ चुके हैं. आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ सकता है कि आख़िर ये नाम रखे कैसे जाते हैं. होता ये है कि वर्ष 1953 से ही वर्ल्ड मिटिरोलॉजिकल ऑर्गेनाइज़ेशन (डब्ल्यूएमओ) तूफ़ानों के नामों की सूची तैयार करता है, अलग-अलग समुद्रों के लिए अलग-अलग नाम तय किए जाते हैं. हर वर्ष के लिए अँगरेज़ी वर्णमाला के पहले अक्षर 'ए' से शुरू करके 'डब्ल्यू' तक 21 नाम रखे जाते हैं, ये तूफ़ान जिस क्रम से आते हैं उसी तरह उनका नाम होता है.
मिसाल के तौर पर इस वर्ष अटलांटिक महासागर में आए पहले तूफ़ान का नाम एरलिन था और आख़िरी तूफ़ान का नाम होगा--विल्मा. अगर 21 से अधिक तूफ़ान आ जाएँ तो उन्हें ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों के नाम से पुकारा जाता है-- जैसे अल्फ़ा, बीटा, गामा, डेल्टा... आप सोच रहे होंगे कैटरीना का नाम 'के' से शुरू होता है तो फिर इतनी जल्दी 'आर' की बारी कैसे आ गई, असल में कैटरीना और रीटा तूफ़ान के बीच अटलांटिक सागर में पाँच और तूफ़ान आ चुके हैं. उनसे इंसानी आबादी वाले इलाक़ों को कोई ख़तरा नहीं था इसलिए आपने उनकी अधिक चर्चा नहीं सुनी, इन तूफ़ानों के नाम थे---ली, मारिया, नेटे, ओफ़िलिया और फिलिप. दिलचस्प बात ये है कि क्यू, यू, एक्स, वाई और ज़ेड अक्षरों से किसी समुद्री तूफ़ान का नाम नहीं होता, शायद इसलिए कि इन अक्षरों से बहुत कम ही नाम होते हैं. समुद्री तूफ़ानों के नामों के छह सेट बनाए गए हैं, हर छह वर्ष बाद नामों का वही सेट दोबारा इस्तेमाल किया जाता है. यानी इस वर्ष उन्हीं नामों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिन्हें 1999 में किया गया था. अब सवाल है कि इनके ऐसे नाम रखने की ज़रूरत ही क्या है, नेशनल हरिकेन सेंटर का कहना है कि नामों की वजह से संचार में काफ़ी आसानी होती है. मिसाल के तौर पर '36 डिग्री नार्थन पैसिफिक कोस्ट हरिकेन' के बदले अगर सिर्फ़ टेरेसा या विक्टर कहा जाए तो सुनने वाले तुरंत समझ जाएँगे और नाम आसानी से याद भी हो जाते हैं. 'रिटायरमेंट' अगर कभी बहुत विनाशकारी तूफ़ान आता है तो उस नाम को सूची से हटा दिया जाता है यानी उसका इस्तेमाल दोबारा नहीं किया जाता, उसकी जगह वर्णमाला के उसी अक्षर से दूसरा नाम रखा जाता है. अमरीका का नेशनल हरिकेन सेंटर इसे तूफ़ान के नाम का रिटायरमेंट कहता है. 1954 से लेकर अब तक समुद्री तूफ़ानों के चालीस ऐसे नाम हैं जिनका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है--इस सूची में ज़ाहिर है कि अब कैटरीना का नाम भी शामिल हो गया है. फ्लायड, एलिसन और मिच भी कुछ बड़े समुद्री तूफ़ान रहे हैं जिनके नाम का प्रयोग अब सिर्फ़ उनसे तबाही को याद करने के लिए ही होगा एक और दिलचस्प बात ये भी है कि वर्ष 1979 तक इन तूफ़ानों का नाम सिर्फ़ महिलाओं के नाम पर रखा जाता था लेकिन बाद में इसमें पुरूषों के नाम भी जोड़ दिए गए ताकि महिलाओं के साथ भेदभाव के आरोप न लगें. यानी गॉर्डन, ऑस्कर, बिल और कार्ल जैसे समुद्री तूफ़ानों के नाम ज़्यादा से ज़्यादा 26 वर्ष पुराने ही हैं. |
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