|
रूस और चीन यूरोपीय देशों से असहमत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के परमाणु मामले में रूस और चीन ने पश्चिमी देशों के रूख़ पर अपना मतभेद प्रकट किया है. रूस और चीन का कहना है कि ईरान का परमाणु मामला अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ही सुलझा सकती है इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाने की ज़रूरत नहीं है. रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि रूसी, चीनी और भारतीय विदेश मंत्रियों के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इस बात पर सहमति थी कि ईरान की समस्या को सुलझाया जा सकता है. आईएईए के मुख्यालय से वियना से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूस और चीन के इस बयान से अमरीका और यूरोपीय देश निराश होंगे क्योंकि वे मामले को सुरक्षा परिषद में ले जाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं. ईरान ने धमकी दी है कि अगर मामले को सुरक्षा परिषद में ले जाया गया तो वह यूरेनियम का संवर्धन दोबारा शुरू कर देगा. ईरान ने यह भी कहा है कि अगर उस पर अधिक दबाव डाला गया तो वह परमाणु अप्रसार संधि का पालन करने के बारे में पुनर्विचार करेगा. परमाणु मामले पर ईरान के मुख्य वार्ताकार अली लारीजानी ने ये भी कहा है कि ईरान परमाणु संयंत्रों में कम पूर्वसूचना के साथ होने वाले आईएईए के निरीक्षणों को बंद कर सकता है. चेतावनी ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका और यूरोपीय संघ उसके परमाणु कार्यक्रम को सुरक्षा परिषद के सामने ले गए तो ये एक बड़ी भूल होगी. ईरान ने ये चेतावनी इस्फ़हान में अपने परमाणु केंद्र पर पूरी तरह काम शुरू करने के बाद दी है. यूरोपीय संघ के तीन देशों, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के सामने एक प्रस्ताव का मसौदा रखा है जिसमें ईरान से इस परमाणु कार्यक्रम को रोकने की माँग की गई है. आयोग के सामने इस प्रस्ताव पर गुरूवार को चर्चा होगी लेकिन वियना में बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार ने कहा है कि ईरान को नाभिकीय ईंधन के उत्पादन का पूरा अधिकार है. वार्ताकार साइरस नासेरी ने बीबीसी के एक कार्यक्रम में कहा,"अमरीका और विशेष रूप से यूरोप के लिए टकराव का रास्ता पकड़ना एक बड़ी भूल होगी. उनके लिए सुरक्षा परिषद के पास जाने का कोई वैधानिक आधार नहीं है". इससे पहले संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा था कि परमाणु ऊर्जा ईरान का अधिकार है जो उससे कोई नहीं छीन सकता. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||