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परमाणु शक्ति हमारा अधिकारः ईरान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने अपने देश के परमाणु कार्यक्रम की यह कहते हुए ज़ोरदार हिमायत की है कि देश के लोगों को विज्ञान और प्रोद्योगिकी के फ़ायदे हासिल करने का पूरा अधिकार है. महमूद अहमदीनेजाद ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए प्रस्ताव रखा है कि उनका देश यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया में अन्य देशों की कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है. महमूद अहमदीनेजाद ने यह कहा कि संयुक्त राष्ट्र को पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए कोई ठोस रास्ता निकालने के लिए एक समिति का गठन करे और मध्य पूर्व क्षेत्र को परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करे. उन्होंने कहा कि परमाणु अप्रसार संधियों में व्यक्त किए गए दृढ वादों और संकल्पों की अनदेखी की जा रही है. अहमदीनेजाद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा अपने आप में ख़ुद एक प्रतिनिधिक संस्था है जो ऐसी संधियों के प्रावधानों को असरदार तरीक़े से लागू करवाने में मदद कर सकती है. इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने महासभा को संबोधित ईरान पर आरोप लगाया था कि वह परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के विश्व के प्रयासों को ख़तरे में डाल रहा है. राइस ने सुरक्षा परिषद का आहवान किया था कि वह ईरान से असरदार तरीक़े से निपटे. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियों के बारे में सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं. अहमदीनेजाद ने अपने भाषण में ज़ोर देकर कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की प्रक्रिया में शामिल होने को निषिद्ध मानता है. महमूद अहमदीनेजाद ने इससे पहले शुक्रवार को परमाणु विवाद पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात की थी. महमूद अहमदीनेजाद के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार ईरान के परमाणु मसले पर इतनी उच्चस्तरीय चर्चा हुई. उन्होंने ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के विदेश मंत्रियों से यूरेनियम संवर्धन और परमाणु ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की. यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा था कि वे शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राष्ट्रपति के भाषण को सुनने के बाद तय करेंगे कि उनका अगला क़दम क्या होगा. महमूद अहमदीनेजाद ने इससे पहले यह कहकर यूरोपीय नेताओं को चिंता में डाल दिया था कि उनका देश शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु जानकारी इस्लामी देशों को देने के लिए तैयार है. |
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