|
ईरान के रवैए पर यूरोपीय देश चिंतित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ ने ईरान की इस घोषणा की आलोचना की है कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू कर रहा है. यूरोपीय संघ के मौजूदा अध्यक्ष ब्रिटेन ने ईरान की इस घोषणा पर गहरी चिंता प्रकट की है और उसके इस क़दम नुकसान पहुँचाने वाला बताया है. ईरानी सरकार ने कहा है कि इस्फ़हान के संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू हो गया है जिससे परमाणु ऊर्जा तैयार की जाएगी. इस बीच अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर बातचीत दोबारा शुरू करने को तैयार है. ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू करने की घोषणा ऐसे समय में की है जबकि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा संबंधी संस्था आईएईए की आपातकालीन बैठक मंगलवार को होने वाली है. ईरान ने पिछले वर्ष इस्फ़हान में अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दिया था जिसके बाद ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के प्रतिनिधियों से उसकी बातचीत शुरू हुई थी. ईरान का कहना है कि बातचीत में कोई प्रगति नहीं हो रही है इसलिए वह अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू कर रहा है. कोशिशें इससे पहले यूरोपीय देशों ने ईरान के सामने एक प्रस्ताव रखा था जिसे ईरान ने ठुकरा दिया है, यूरोपीय देशों ने यूरेनियम संवर्धन रोकने के बदले में ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा था जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया. यूरोपीय देशों के ताज़ा प्रस्ताव में कहा गया था कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रोकने पर तैयार हो जाता है तो वे ईरान को असैनिक परमाणु कार्यक्रम को मान्यता दी जा सकती है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि, "इसमें यूरेनियम संवर्धन के ईरान के अधिकार को शामिल नहीं किया गया है." यूरोपीय देशों और अमरीका की चिंता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन की क्षमता का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है लेकिन ईरान का कहना रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ़ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने भी कहा है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम के अपने अधिकार को किसी दबाव या प्रलोभन में आकर नहीं छोड़ सकता. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||