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ईरान के परमाणु केंद्र में काम शुरु हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान का कहना है कि उसने इस्फ़हान परमाणु केंद्र में परमाणु ईंधन से संबंधित परिवर्तन का काम दोबारा शुरु कर दिया है. लेकिन ये भी कहा गया है कि ये काम इस्फ़हान केंद्र के उस भाग में शुरु किया गया है जिसका अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी निरीक्षण नहीं कर रही है. उधर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने केंद्र के अन्य हिस्सों में निरीक्षण के लिए कैमरे लगा दिए हैं. अमरीका और यूरोपीय संघ चेतावनी दे चुके हैं कि ऐसे कदम से ईरान के इस मसले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाया जा सकता है. ऐसा होने पर ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. महत्वपूर्ण है कि ये ख़बर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की कल होने वाली बैठक से पहले आई है. 'कड़ा रुख़' बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ईरान के इस क़दम का मतलब है कि उसका इस मुद्दे पर रुख़ और कड़ा हो गया है. इससे ईरान और यूरोपीय संघ के बीच इस मुद्दे पर टकराव की स्थिति पैदा हो गई है क्योंकि यूरोपीय संघ ईरान से अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ देने के लिए कह रहा है. ईरान के कड़े रुख़ का संकेत इस बात से मिलता है कि ईरान की सरकार ने परमाणु मुद्दे पर अपने मुख्य वार्ताकार हसन रोहानी को बदलकर उनकी जगह अली लारीजानी को वार्ताकार बनाने की बात कही है. अली लारीजानी परिवर्तन का विरोध करने वाले परंपरावादी माने जाते हैं. |
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