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साज़िश रचने वाले को 22 साल की क़ैद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाँच साल पहले लॉस एंजलेस हवाई अड्डे को उड़ाने की साज़िश रचने के दोषी ठहराए गए अल्जीरिया के अहमद रेसम को 22 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है. रेसम को पाँच साल दिसंबर 1999 में अमरीका और कनाडा की सीमा पार करते समय गिरफ़्तार किया गया था. रेसम के पास से विस्फोटक बरामद हुए थे. 2001 में ही रेसम को आतंकवादी कार्रवाई करने की साज़िश रचने और विस्फोटकों की तस्करी करने के मामले में दोषी ठहरा दिया गया था. लेकिन उन्हें उस समय सज़ा नहीं सुनाई गई थी क्योंकि वे अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे थे. 2003 में जब रेसन को अकेले क़ैद में रखा गया तो उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोग करना छोड़ दिया. दिसंबर 1999 में रेसम को अमरीकी कस्टम अधिकारियों ने उस समय गिरफ़्तार किया जब वे कनाडा के पश्चिमी तट पर स्थित ब्रिटिश कोलंबिया से अमरीकी सीमा में दाख़िल हो रहे थे. गिरफ़्तारी अधिकारियों को उनकी कार में से बम बनाने वाले उपकरण मिले थे. अपनी गिरफ़्तारी के बाद रेसम ने अमरीकी अधिकारियों के साथ सहयोग किया. जिसके बाद चरमपंथी संगठन अल क़ायदा के साथ कथित संपर्क करने के मामले में 100 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई. रेसम ने अफ़ग़ानिस्तान में अल क़ायदा के प्रशिक्षण शिविर के बारे में भी जानकारी दी थी. बीबीसी संवाददाता डेविड विलिस का कहना है कि अमरीकी अधिकारियों को उम्मीद थी कि रेसम दो संदिग्ध अल क़ायदा सदस्यों के प्रत्यर्पण में मदद कर सकते हैं. इनमें से एक अभी ब्रिटेन में और दूसरा कनाडा में है. लेकिन रेसम ने अमरीकी अधिकारियों के साथ सहयोग करना बंद कर दिया क्योंकि उसे अकेले क़ैद में रखा जाने लगा और इन दोनों व्यक्तियों के प्रत्यर्पण की कोशिशें भी नाकाम हो गईं. अल्जीरिया के अहमद रेसम को कनाडा ने शरण देने से इनकार कर दिया था लेकिन इसके बावजूद वे सात साल तक मॉन्ट्रियल में रहे. |
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