|
11 सितंबर हमले का संदिग्ध बरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी की एक अदालत ने 11 सितंबर को अमरीका पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान विमान अपहर्ताओं का सहयोग करने के आरोप में गिरफ़्तार मोरक्को के एक युवक को बरी कर दिया है. 31 वर्षीय अब्दुल ग़नी मज़ूदी पर आरोप थे कि उन्होंने तीन विमान अपहर्ताओं की मदद की थी. अदालत के फ़ैसले में कई घंटे की देर हुई क्योंकि 11 सितंबर को मारे गए लोगों की तरफ से सुनावाई के दौरान मौजूद वकील को नए सबूत पेश करने को कहा गया है. मज़ूदी ने यह स्वीकार किया था कि तीन अपहर्ता उसके मित्र थे जब वे हैम्बर्ग में रह रहे थे. लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया कि उन्हें 11 सितंबर के हमले की जानकारी पहले से ही थी. मज़ूदी को एक आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के आरोप से भी बरी कर दिया गया. जज ने अभियोग पक्ष के वकील की उस चुनौती को ठुकरा दिया जिसमें वे अमरीका की जेल में बंद एक अन्य अभियुक्त रम्ज़ी बिन-अल-शिब द्वारा दिए गए सबूत को आधार बनाया था. अभियोग पक्ष के वकील ने जज ने अनुरोध किया कि वे अमरीकी न्याय विभाग से संपर्क कर सबूत हासिल करने की कोशिश करें. लेकिन जज ने स्पष्ट किया कि अमरीकी अधिकारियों ने मुक़दमे के दौरान बिन-अल-शिब को गवाही की अनुमति नहीं दी थी. इसलिए उससे पूछताछ की लिखित प्रति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||