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सुन्नी सदस्यों ने बहिष्कार समाप्त किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सुन्नी मुसलमानों ने नया संविधान लिख रही समिति का बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय किया है. समिति की एक सुन्नी सदस्य सादौन ज़ुबैदी ने बीबीसी को बताया कि समिति में शामिल 12 सुन्नी सदस्यों में से कुछ ने तो काम करना भी शुरू कर दिया है. नए संविधान का प्रारूप तैयार करने में सहयोग कर रहे दो वरिष्ठ सुन्नी मुसलमानों की पिछले सप्ताह हुई हत्या के बाद सुन्नी सदस्यों ने समिति के बहिष्कार का फ़ैसला किया था. ज़ुबैदी ने बताया कि उन्होंने बहिष्कार ख़त्म करने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि काम महत्वपूर्ण है और इसमें सुन्नी समुदाय की भागीदारी आवश्यक है. सुन्नी सदस्यों के बहिष्कार के फ़ैसले के कारण नए संविधान पर सहमति की कोशिशों को झटका लगा था क्योंकि इराक़ी संसद को नए संविधान के प्रारूप पर 15 अगस्त तक मतदान करना था. इराक़ी संसद की मंज़ूरी मिलने के बाद 15 अक्तूबर को देशभर में इस पर जनमतसंग्रह कराया जाना है. संविधान का प्रारुप तैयार कर रही समिति में सुन्नी मुसलमानों की संख्या जुलाई में बढ़ाई गई. उनकी संख्या बढ़ाने का मक़सद था राजनीतिक प्रक्रिया में सुन्नी मुसलमानों को भागीदारी का अवसर देना. हिंसा दूसरी ओर इराक़ में हिंसा का दौर जारी है. राजधानी बग़दाद में पुलिस चौकी पर हुए दो आत्मघाती धमाकों में कम से कम आठ लोग मारे गए. पहला धमाका सदीर होटल के पास हुआ. एक आत्मघाती हमलावर ने एक मिनीबस को उड़ा दिया. इस धमाके में छह लोग मारे गए. इस होटल को पहले भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया है. इस होटल में पहले अमरीकी ठेकेदार रहते थे. इस घटना के कुछ ही घंटों बाद दूसरा आत्मघाती बम धमाका राजधानी बग़दाद में सरकारी और राजनयिक परिसर के पास हुआ. इस धमाके में दो पुलिसवालों की मौत हो गई. रविवार को आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 25 लोग मारे गए थे और 30 से ज़्यादा घायल थे. |
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