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इराक़ में फिर हिंसा, 13 लोगों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर बक़ूबा में एक बस पर किए गए हमले में 13 लोग मारे गए हैं. बस को उस समय निशाना बनाया गया जब उस पर सवार 10 लोग अमरीकी सैनिक अड्डे पर काम करने जा रहे थे. रास्ते में बंदूकधारियों ने बस को रोक कर उस पर अंधाधूँध गोलीबारी की. गोलीबारी में सभी 10 लोग मारे गए. स्थानीय पुलिस का कहना है कि तीन अन्य लोगों की उस समय मौत हो गई जब ये बस उनकी कार से टकरा गई. अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में 20 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है. अमरीकी या गठबंधन सेना के साथ काम करने वाले लोग चरमपंथियों के निशाने पर होते हैं. पिछले सप्ताह से एकाएक हिंसा की घटनाओं में तेज़ी आ गई है और 200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. बैठक दूसरी ओर तुर्की में इराक़ और पड़ोसी देशों के गृह मंत्रियों की बैठक हो रही है. बैठक में इराक़ की स्थिति पर विचार-विमर्श चल रहा है. इराक़ की स्थिति पर पड़ोसी देशों को भी चिंता है क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं इसका असर उनके देश पर भी न पड़े. इस्तांबुल में चल रही बैठक की शुरुआत में तुर्की के गृह मंत्री अब्दुल कादिर अस्कू ने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि इराक़ और अन्य देशों के आतंकवाद में संबंध है. उम्मीद है कि इराक़ के गृह मंत्री बायन जबर ये मांग करेंगे कि पड़ोसी देश इराक़ में चरमपंथियों के प्रवेश को रोकने के लिए कड़े क़दम उठाएँ और साथ में इसकी भी व्यवस्था करें कि इन्हें वित्तीय सहायता न मिले. इस बैठक में सीरिया, कुवैत, जॉर्डन, ईरान, मिस्र, सऊदी अरब और बहरीन के गृह मंत्री हिस्सा ले रहे हैं. इससे पहले जॉर्डन के शहजादा हसन ने इराक़ की स्थिति को गंभीर बताया है और कहा है कि वहाँ गृह युद्ध जैसी स्थिति है. |
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