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'इराक़ संविधान समय पर ही' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी अधिकारियों ने इन अफ़वाहों को शांत करने की कोशिश की है कि संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के दो सुन्नी मुस्लिम सदस्यों की हत्या के बाद संविधान तैयार करने में देरी हो सकती है. ग़ौरतलब है कि दो सुन्नी नेताओं की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसके बाद समिति के चार सदस्य इन हत्याओं के विरोध में समिति से अस्थाई तौर पर हट गए हैं. इसके लिए उन्होंने सुरक्षा चिंताओं की दलील दी है. लेकिन समिति के अध्यक्ष शेख़ हुमाम हम्मौदी ने कहा है कि नया संविधान पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही राष्ट्रीय एसेंबली के सामने अगस्त के पहले सप्ताह में ही पेश कर दिया जाएगा. जुलाई में समिति का विस्तार करते हुए इसमें सुन्नी मुस्लिम प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था. विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे उन सुन्नी मुसलमानों को मार डालेंगे जो नया संविधान तैयार करने की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे. लेकिन शेख़ हुमाम हम्मौदी ने कहा है कि वह संविधान समिति के सदस्यों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए क़दम उठा रहे हैं ताकि सभी सदस्य काम सुचारू रूप से जारी रख सकें. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दो सुन्नी सदस्यों की हत्या से लगे झटके के बावजूद संविधान के मसौदे पर काम चल रहा है. हम्मौदी ने कहा, "संविधान के मसौदे पर राष्ट्रीय संविधान में विचार विमर्श और ज़रूरी संशोधन होने के बाद 15 अगस्त तक पचास लाख प्रतियाँ लोगों में बाँटी जाएंगी." |
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