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मिस्र धमाकों में मृतक संख्या 88 हुई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पर्यटकों में लोकप्रिय मिस्र की सैरगाह शर्म अल-शेख़ में शनिवार को हुए कई बम धमाकों में मारे गए लोगों की संख्या 88 हो गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं. मिस्र सरकार के अनुसार मृतकों में अधिकतर मिस्र के ही नागरिक हैं. कम-से-कम सात विदेशी नागरिक भी धमाकों में मारे गए हैं. मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ ने विस्फोट वाली जगहों का दौरा करने के बाद कहा है कि इस घटना के पीछे जिन लोगों का हाथ है उनको पकड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँगे. मिस्र के गृहमंत्री हबीब अल अदली ने कहा है कि अभी ये कहना बहुत जल्दीबाज़ी होगी कि इन धमाकों के पीछे अल क़ायदा का हाथ है या नहीं. मिस्र में हुए बम धमाकों की अंतरराष्ट्रीय जगत ने व्यापक तौर पर निंदा की है. मिस्र में 1997 के बाद से ये सबसे भयानक बम धमाके हैं. उस समय हुए बम विस्फोटों में इस्लामी चरमपंथियों का हाथ बताया गया था जिनमें 62 लोग मारे गए थे. 'कार बम धमाके' पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को शर्म अल शेख़ में तीन बम धमाके हुए और कम से कम दो धमाके कार बम के ज़रिए किए गए. पहला बम धमाका शर्म अल-शेख़ शहर के पुराने बाज़ार में हुआ जिसमें एक कॉफ़ी हाउस में बैठे मिस्र के नागरिक मारे गए. इसके 15 मिनट बाद दो कार बम धमाके हुए. एक धमाका एक होटल के बाहर हुआ. एक अन्य कार बम नामा बे के इलाक़े में फटा जहाँ कई होटल हैं. यह इलाक़ा यूरोपीय पर्यटकों में काफ़ी लोकप्रिय है. शर्म अल-शेख़ और नामा बे इलाक़ों के बीच मात्र छह किलोमीटर की दूरी है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डरे हुए लोग इधर-उधर भागते नज़र आए जबकि बाज़ार में सड़क पर शव पड़े हुए थे. हताहतों में मिस्र के नागरिकों के अलावा ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और रूस समेत कई देशों के पर्यटक हैं. वीभत्स दृश्य धमाके के प्रत्यक्षदर्शी एक ब्रितानी नागरिक क्रिस रेनॉल्ड्स ने बीबीसी को टेलीफ़ोन पर बताया, "सड़क पर अनेक शव छितराए हुए दिख रहे थे. बहुत ही वीभत्स दृश्य था."
अभी तक किसी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. उल्लेखनीय है कि साल के इन दिनों में शर्म अल-शेख़ पर्यटकों से भरा रहता है. इनमें एक बड़ी संख्या पश्चिमी पर्यटकों की होती है. लाल सागर से लगा सिनाई प्रायद्वीप का इलाक़ा पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है. अक्तूबर, 2004 में लाल सागर से ही सटे मिस्र की एक अन्य सैरगाह में हुए धमाके में 34 लोग मारे गए थे. |
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