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विश्व के कई नेताओं ने निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दूनिया में अमरीका, ब्रिटेन और सीरिया समेत कई देशों ने मिस्र में शर्म अल-शेख़ में हुए बम धमाकों की निंदा की है. मध्य पूर्व पहुँची अमरीकी विदेश मंत्री कौंडोलीज़ा राइस ने इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को खोज निकालने में मिस्र को अमरीका के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है. ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ का कहना था कि इन घटनाओं से स्पष्ट हो गया है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' एक अंतरराष्ट्रीय लड़ाई है. उनका कहना था - 'मिस्र को लोगों की लड़ाई, हमारी लड़ाई है और हमारी लड़ाई उनकी लड़ाई है.' यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैन्युल बारोसो का कहना था कि धमाके करने वाले बुज़दिल हैं और किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तर्क के आधार पर इन घटनाओं को सही नहीं ठहराया जा सकता. इराक़ी अंतरिम प्रधानमंत्री इब्राहिम जाफ़री ने कहा है कि 'आतंकवाद रूपी कैंसर' से पूरी दुनिया को ख़तरा पैदा हो गया है. सीरिया ने कहा है कि वह उन सभी कदमों का समर्थन करेगा जो मिस्र की सरकार इन हमलों के दोषियों को खोजने के लिए उठाना चाहे. |
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