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मुस्लिम विद्वान के अमरीका प्रवेश पर रोक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के एक मुस्लिम विद्वान शेख़ ज़की बदावी के अमरीका प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. बदावी का कहना है कि बिना कोई कारण बताए उन्हें न्यूयॉर्क से वापस भेज दिया गया. मुस्लिम कॉलेज के प्रमुख बदावी न्यूयॉर्क के शुटॉवक्वा संस्थान में व्याख्यान के लिए गए थे. बदावी ने बताया कि उनसे छह घंटे तक पूछताछ की गई और फिर वापस भेज दिया गया. अमरीका के आव्रजन और कस्टम विभाग का कहना है कि उसके पास बदावी के बारे में कुछ ऐसी जानकारी थी जिसके आधार पर उन्हें अमरीका में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी. इस विभाग के एक प्रवक्ता जैनेट रैपापोर्ट ने बताया कि जब न्यूयॉर्क के जेएफ़के हवाई अड्डे पर बदावी को लेकर समस्या खड़ी हुई तो बदावी ने ख़ुद देश में प्रवेश का अपना आवेदन वापस ले लिया और वापस लंदन लौट गए. गोपनीयता क़ानून उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उस सूचना को सार्वजनिक नहीं कर सकतीं जिसके आधार पर बदावी को अमरीका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती थी. उन्होंने कहा कि यह गोपनीयता क़ानून का उल्लंघन होगा. डॉक्टर बदावी मस्जिदों और इमामों की परिषद के नेता भी हैं और उन्हें न्यूयॉर्क में एक व्याख्यान देना था, जिसका विषय था- समाज में क़ानून और धर्म. शुटॉवक्वा संस्थान के माइक सूलीवन ने बताया कि उन्हें सिर्फ़ इतना पता है कि डॉक्टर बदावी लंदन लौट गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें भी कोई कारण नहीं बताया गया है. रविवार को ही डॉक्टर बदावी ने ब्रिटेन के अन्य धार्मिक नेताओं के साथ एक संयुक्त बयान दिया था, जिसमें पिछले गुरुवार को लंदन में हुए बम धमाकों की निंदा की गई थी. पिछली बार डॉक्टर बदावी ने वर्ष 2003 में अमरीका की यात्रा की थी. उसी वर्ष अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश लंदन आए तो महारानी ने उनके सम्मान में राजकीय भोज दिया था और इस भोज में डॉक्टर बदावी भी अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. |
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