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दुर्व्यवहार के तीन और मामले सामने आए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की जाँच के दौरान तीन मामले सामने आए हैं. अमरीकी सैनिक जाँच अधिकारियों को दुर्व्यवहार के सबूत मिले हैं. जाँच के लिए नियुक्त दो सैनिक जनरलों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तीन मौक़े पर सैनिक क़ायदे-क़ानून का उल्लंघन किया गया. रिपोर्ट में बताया गया है कि क़ैदियों से पूछताछ के लिए कई तरीक़े अपनाए गए और एक क़ैदी को यौन प्रताड़ना तक दी गई. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई की रिपोर्ट में ग्वांतानामो में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार की बात कही गई थी जिसके बाद इन सैनिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया था. 'उल्लंघन नहीं' इन सैनिक अधिकारियों की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि क़ैदियों के साथ पूछताछ के जो तरीक़े अपनाए गए, उनमें से ज़्यादातर तकनीकों को रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिली हुई थी. रिपोर्ट में कहा गया कि सिर्फ़ तीन मामलों में दिशा-निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाई गईं. जाँच की अगुआई करने वाले जनरल रैन्डल स्मिट ने एक क़ैदी से पूछताछ के तरीक़े पर चिंता जताई. उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण क़ैदी को कुत्ते की तरह व्यवहार करने को कहा गया और उन्हें महिलाओं का अंडरवियर पहनाया गया. इस क़ैदी को यह भी बताया गया कि उसमें समलैंगिकों जैसे लक्षण हैं और अन्य क़ैदी इस बारे में जानते हैं. इस क़ैदी को पूछताछ करने वाले एक पुरुष अधिकारी के साथ नाचने पर विवश किया गया. जनरल स्मिट ने बताया कि हालाँकि यह बर्ताव किसी भी सैनिक क़ानून का उल्लंघन नहीं करते और न ही प्रताड़ित किए जाने की हद तक जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक पूछताछ और 160 दिनों तक अकेले हिरासत में रखने के कारण इसे दुर्व्यवहार माना जा सकता है. हालाँकि जनरल स्मिट के कमांडिंग अधिकारी ने उस समय कैंप के कमांडर जनरल जेफ़री मिलर को डाँटने-फटकारने की उनकी सिफ़ारिश को ठुकरा दिया. |
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