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'ग्वांतानामो बे बंद करने की योजना नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि ग्वांतानामो बे स्थित जेल को बंद करने की कोई योजना नहीं है. अमरीका ने इस जेल में कई लोगों को चरमपंथी होने के शक में क़ैद कर रखा है. पिछले दिनों एक वरिष्ठ सीनेटर और विदेशी संबंध मामलों की समिति के सदस्य जोसेफ़ बिडेन ने मांग की थी कि इस जेल को बंद कर देना चाहिए. डेमोक्रेट सदस्य जोसेफ़ बिडेन ने कहा था कि ग्वांतानामो कैंप में विवादों के कारण अमरीका पर आतंकवादी हमलों का ख़तरा बढ़ा है जबकि इसे आतंकवादी हमले रोकने के लिए बनाया गया था. उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा कि लोगों को यह समझना ज़रूरी है कि ग्वांतानामो में जिन क़ैदियों को रखा गया है वे 'बुरे लोग' हैं. डिक चेनी का बयान ऐसे समय आया है जब ग्वांतानामो में क़ैदियों से पूछताछ की कथित तकनीक के बारे में और जानकारी छपी है. टाइम पत्रिका का कहना है कि उसके पास ऐसा दस्तावेज़ हैं जिसमें दिखाया गया है कि ग्वांतानामो में क़ैद एक सऊदी नागरिक मोहम्मद अल क़हतानी के साथ कैसे व्यवहार किया जा रहा है. पत्रिका का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से पकड़े गए इस सऊदी नागरिक को मजबूर किया गया कि वह अपने कपड़ों पर ही पेशाब करे. उन्हें नंगा करके पूछताछ की गई और पत्रिका के पास उनकी गर्दन पकड़कर लटकी कई महिलाओं की सेक्सी तस्वीरें भी हैं. पिछले दिनों ग्वांतानामो बे में क़ुरान के अपमान की ख़बरें आईं और अमरीकी अधिकारियों ने बाद में इसे स्वीकार भी किया था. अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ऐसी पाँच घटनाओं का पूरा विवरण जारी किया था जिनमें ग्वांतनामो बे शिविर में अमरीकी सुरक्षाकर्मियों ने क़ुरान का अपमान किया, कुछ घटनाओं में जानबूझकर और कुछ दुर्घटनावश. |
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