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संयुक्त राष्ट्र का अमरीका पर आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने अमरीकी सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे बंदीगृह में संगठन के जांचकर्ताओं को जाने नहीं दे रही है. क्यूबा के ग्वांतानामो बे शिविर में हज़ारों की संख्या में क़ैदी हैं जिनके साथ दुर्व्यवहार की ख़बरें आए दिन छपती रहती हैं. संयुक्त राष्ट्र के चार जांचकर्ताओं में से एक प्रोफेसर मैनफ्रेड नोवाक ने बीबीसी से कहा कि वो पिछले तीन साल से अमरीकी सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें ग्वांतानामो बे यातना शिविर में जाने दिया जाए ताकि क़ैदियों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सके. संयुक्त राष्ट्र में प्रताड़ना मामलों की विशेष जांचकर्ता नोवाक का कहना है कि अमरीका जांचकर्ताओं के साथ न तो सहयोग कर रहा है और न ही किसी प्रकार की मदद ही कर रहा है. नोवाक का कहना है कि अब वो इस मामले में रिपोर्ट लिख रहे हैं चाहे जांचकर्ताओं को ग्वांतानामो बे जाने दिया या नही. जांचकर्ताओं की यह टीम ग्वांतानामो बे शिविर में यातना संबंधी मामलों की जांच करने के लिए वहां जाना चाहती हैं. वाशिंगटन में अमरीकी सरकार का कहना है कि वह अभी भी इस तरह के आग्रह पर विचार कर रही है. पेंटागन के एक प्रवक्ता का कहना है कि वो इन आरोपों से अनभिज्ञ हैं और आगे इस मामले को देखेंगे. इस शिविर में रेड क्रास के अधिकारी जाते रहे हैं लेकिन वो कोई रिपोर्ट नहीं लिखते जिसे प्रकाशित किया जा सके. |
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