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ग्वांतानामो बे को बंद करने की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेनेट के एक प्रमुख सदस्य जोसफ़ बिडेन ने कहा है कि अमरीका सरकार को ग्वांतानामो बे में अपना क़ैदख़ाना बंद कर देना चाहिए. अमरीकी सेनेट की विदेशी मामलों की समिति में डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य जोसफ़ बिडेन ने कहा है कि आज आतंकवादियों की नियुक्ति के लिए ग्वांतानामो बे सबसे बड़ा प्रचार का साधन बन गया है. उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो बे को लेकर जो विवाद हुए हैं उनके कारण आतंकवाद के समक्ष अमरीकावासियों के सामने ख़तरे और बढ़ गए हैं. सेनेटर बिडेन ने एक टेलीविज़न कार्यक्रम में कहा,"हमें इस कारागार को बंद कर देना चाहिए, जिन लोगों को वहाँ रखने के कारण हैं उनको वहाँ रखें, बाक़ी को जाने दें". अमरीकी सेनेटर ने ये भी माँग की है कि ग्वांतानामो बे के भविष्य के निर्णय के लिए एक स्वतंत्र आयोग का गठन किया जाना चाहिए. सेनेटर बिडेन का ये बयान अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन की इस स्वीकारोक्ति के दो दिन बाद आया है कि ग्वांतानामो बे में सुरक्षाकर्मियों द्वारा क़ुरान को अपवित्र किए जाने की घटनाएँ हुई हैं. लेकिन पेंटागन ने ये भी कहा कि ऐसी घटनाएँ बहुत कम हुई हैं और प्रमुख रूप से दुर्घटनावश हुई हैं. विवाद वैसे ग्वांतानामो बे में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर पिछले कई वर्षों से ख़बरें आती रही हैं जिनसे ख़ासा विवाद छिड़ा है. अमरीका ने ग्वांतानामो बे में अपने सैनिक अड्डे में 520 लोगों को बंदी बनाकर रखा हुआ है. इनमें से अधिकतर लोगों को 11 सितंबर 2001 के हमले के बाद अल क़ायदा और तालेबान से संबंधित होने के संदेह में पकड़ा गया था. ग्वांतानामो बे में कथित तौर पर आतंकवाद के मामलों से जुड़े होने के संदेह में पूछताछ के लिए लोगों को बंदी बनाकर रखा गया है. कई लोग यहाँ बिना किसी आरोप के तीन-तीन साल से बंद हैं. |
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