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रविवार, 26 जून, 2005 को 03:07 GMT तक के समाचार
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अमरीकी सांसद ग्वांतानामो के दौरे पर
ग्वांतानामो बे
ग्वांतानामो बे में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगातार लगते रहे हैं
अमरीकी संसद सदस्यों के एक दल ने क्यूबा के ग्वांतानामो बे बंदी शिविर का दौरा किया है.

ग्वांतानामो बे शिविर की उनकी यात्रा ऐसे समय हुई है जबकि कैदियों के साथ दुर्व्यवहार और वहाँ कुरान के अपमान की घटनाओं के बाद इसे बंद करने की माँग तेज़ हो रही है.

ग्वांतानामो बंदी शिविर में 500 से अधिक ऐसे कैदी बंद हैं जिन्हें अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और अल क़ायदा के ख़िलाफ़ कार्रवाई के दौरान गिरफ़्तार किया गया है.

इनमें से ज़्यादातर क़ैदियों को बिना मुक़दमा चलाए बंदी बनाकर रखा गया है, इनमें से सिर्फ़ चार क़ैदियों के ख़िलाफ़ बाक़ायदा आरोप लगाए गए हैं.

स्थिति का आकलन करने के लिए अमरीकी संसद के 16 सदस्यों ने क्यूबा का एक दिन का दौरा किया है, ये सभी लोग अमरीकी संसद की सैनिक मामलों की समिति के सदस्य हैं.

 कैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में बेसिर पैर के आरोप लगाए गए हैं और कुप्रचार करने वाले अमरीका की छवि को ख़राब करने की मुहिम चला रहे हैं
रिपब्लिकन सांसद डंकन हंटर

सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के सांसद और समिति के अध्यक्ष डंकन हंटर ने कहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य बंदी शिविर की असलियत के बारे में पता लगाना था.

सांसद डंकन हंटर ने कहा, "कैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में बेसिर पैर के आरोप लगाए गए हैं और कुप्रचार करने वाले अमरीका की छवि को ख़राब करने की मुहिम चला रहे हैं."

लेकिन विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद एलेन टॉशेर ने कहा है कि ग्वांतानामो बे अमरीका की बदनामी का कारण बन गया है.

कैदियों के साथ बुरे सलूक के आरोपों के बीच पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने माँग की थी कि उनके प्रतिनिधियों को ग्वांतानामो शिविर का दौरा करने की अनुमति दी जाए.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का कहना है कि "लगातार गंभीर शिकायतें मिल रही हैं कि वहाँ कैदियों के साथ क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है."

इसके जवाब में अमरीकी उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा कि कैदियों के साथ अच्छा सलूक हो रहा है, उन्हें अच्छी तरह खिलाया जा रहा है.

अमरीकी राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों का कहना है कि शिविर को बंद करने की कोई योजना नहीं है, उनका कहना है कि ये बंदी बहुत ही ख़तरनाक हैं और उन्हें नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी है.

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