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स्पेन में हुआ पहला समलैंगिक विवाह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता मिलने के बाद पहली बार एक समलैंगिक जोड़ा विवाह के बंधन में बँध गया. स्पेन के एमिलियो मेनेन्डेज़ और अमरीका के रहने वाले कार्लोस बैटूरिन जर्मन ने राजधानी मैड्रिड के नज़दीक एक समारोह में शादी कर ली. ये दोनों 30 साल से एक साथ रह रहे थे. स्पेन यूरोप का तीसरा ऐसा देश है जहाँ समलैंगिक शादियों को क़ानूनी मान्यता दे दी गई है. स्पेन के अलावा बेल्जियम और नीदरलैंड्स में समलैंगिक शादियों को क़ानूनी मंज़ूरी मिली हुई है. स्पेन में समलैंगिक शादियों को क़ानूनी मंज़ूरी तो मिली ही है, साथ में समलैंगिक जोड़े बच्चों को गोद भी ले सकते हैं. समारोह मेनेन्डेज़ और जर्मन की शादी में परिवार के मित्रों के अलावा पत्रकार भी मौजूद थे. समारोह मैड्रिड के निकट ट्रेस कैन्टोस शहर में हुआ. इस विवाह में सत्ताधारी सोशलिस्ट पार्टी के सामाजिक मामलों के शीर्ष अधिकारी पेड्रो ज़ेरोलो भी शामिल हुए. सरकारी टेलीविज़न पर इन जोड़ों की वीडियो क्लिप भी दिखाई गई. शादी के बाद मेनेन्डेज़ ने कहा, "हमारे जीवन का सबसे ख़ुशी वाला दिन उस समय था जब हमने एक-दूसरे को प्यार करना शुरू किया था. हम 30 वर्षों के एक साथ थे. इसी कड़ी में आज का दिन भी बहुत ख़ुशी वाला है." इस मौक़े पर मौजूद सोशलिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी ज़ेरोलो ने कहा कि एक सपना सच हो गया है और देश में समलैंगिक लोगों के सम्मान को मान्यता मिल गई है. 30 जून को स्पेनी संसद के निचले सदन ने समलैंगिक विवाह को मंज़ूरी देने वाले विधेयक को पास कर दिया था. हालाँकि ऊपरी सदन ने इसे नामंज़ूर कर दिया था. जनमतसर्वेक्षणों के अनुसार ज़्यादातर लोगों ने इस विवाह का समर्थन किया था लेकिन कुछ ने इसका विरोध भी किया था, जिनमें प्रमुख था रोमन कैथोलिक ग्रुप. |
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