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कनाडा में वैध होंगे समलैंगिक विवाह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कनाडा की संसद के निचले सदन ने धार्मिक संगठनों और रुढ़िवादी सांसदों के विरोध के बावजूद समलैंगिक विवाहों को वैध करार देने संबंधी एक विधेयक को पारित कर दिया है. बेल्जियम और नीदरलैंड्स के बाद कनाडा दुनिया का तीसरा देश होगा जहां समलैंगिक विवाह वैध माने जाएंगे. वैसे कनाडा के कई प्रांतों में पहले से ही इन विवाहों को वैध माना जाता रहा है लेकिन अब विधेयक पारित होने के बाद देश भर में ऐसे विवाह हो सकेंगे. इस विधेयक के समर्थन में 158 वोट पड़े जबकि 133 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया. इस विधेयक को अभी ऊपरी सदन यानी सीनेट में पारित किया जाना बाकी है. सीनेट में लिबरल सांसदों की संख्या अधिक है. विधेयक इस विवादास्पद विधेयक का मसौदा तैयार किया था प्रधानमंत्री पॉल मार्टिन ने. इस मुद्दे पर लिबरल पार्टी में ही मतभेद पैदा हो गए थे. इस विधेयक के कारण आर्थिक विकास मामलों के मंत्री जो कोमुजी ने मंगलवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि इस विधेयक का लिबरल पार्टी , ब्लाक क्यूबेकॉयस और सरकार के अन्य सहयोगी दल समर्थन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने विधेयक पर मतदान से पहले कहा " हमारा देश अल्पसंख्यकों का देश है और ऐसे देश में अधिकारों का महत्व बहुत अधिक होता है. अधिकार के मुद्दे पर ही आज यह मतदान होने वाला है. " कनाडा के लोगों के लिए समान विवाह के राष्ट्रीय समन्वयक एलेक्स मुलर ने कहा कि इस विधेयक का पारित होना कनाडा के मूल्यों की जीत होगी. उन्होंने कहा " कनाडा के लिए यह दिन गौरव का है. हमने साबित कर दिया है कि यह देश खुला, क़द्र करने वाला और स्वागत करने वाला है. " हालांकि इस विधेयक का धार्मिक संगठनों और रुढ़िवादी सांसदों ने कड़ा विरोध किया था. रुढ़िवादी नेता स्टीफन हार्पर ने यहां तक कहा था कि वो पुरुष और महिला की शादी को ही असली शादी मानते हैं और इसका हमेशा समर्थन करेंगे. कनाडा के पड़ोसी देश अमरीका में भी इस मुद्दे पर काफी मतभेद हैं. |
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